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MP News: भोपाल NHM से आईटी असिस्टेंट गिरफ्तार, फर्जी MBBS डिग्री मामले में पांचवीं गिरफ्तारी; तीन भेजे गए जेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Wed, 27 May 2026 11:15 PM IST
दमोह के शासकीय आरोग्य केंद्र में फर्जी एमबीबीएस की डिग्री पर नौकरी करने वाले दो डॉक्टर और जबलपुर के एक डॉक्टर को रिमांड खत्म होने के बाद बुधवार दोपहर जेल भेज दिया है। वहीं इस मामले में भोपाल एनएचएम से आईटी असिस्टेंट को भी गिरफ्तार किया गया है। इसे मंगलवार को रिमांड पर लिया गया। उसके साथ फर्जी डिग्री बनाने वाला मास्टर माइंड हीरासिंह कौशल भी शामिल है।
बता दें कि एक सप्ताह पूर्व दमोह के शासकीय संजीवनी हॉस्पिटल में फर्जी एमबीबीएस की डिग्री पर नौकरी करने वाले दो डॉक्टर कुमार सचिन यादव और राजपाल गौर पकड़े गए थे। जब पुलिस ने दोनों डॉक्टरों को गिरफ्तार किया तो इनकी निशानदेही पर जबलपुर के संजीवनी हॉस्पिटल से भी एक आरोपी डाक्टर अजय मौर्य को पकड़ा गया था। इन तीनों डॉक्टर से पूछताछ के बाद पुलिस ने भोपाल से एक और रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर हीरासिंह कौशल को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अभी तक पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। तीन आरोपी डॉक्टर जेल जा चुके हैं और अब दो अन्य आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
मेरा करियर खत्म हो गया
भोपाल से पकड़े गए आरोपी आदिल खान ने बताया कि वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल में आईटी असिस्टेंट की पोस्ट पर है। उसने बताया कि मेरा काम सिर्फ मिशन की साइट पर वैकेंसी डालना है और ऑर्डर डालना है। किसी आरोपी ने मेरा नाम ले लिया तो मुझे भी आरोपी बना दिया और पुलिस ने मुझे भोपाल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पुलिस को बता दिया कि मैं भी उनके इस फर्जी डिग्री मामले में सहयोगी हूं। जबकि मैं इन्हें जानता भी नहीं हूं। भोपाल एनएचएम में इंटरव्यू की प्रक्रिया कोई नहीं होती। मैं बिल्कुल निर्दोष हूं। मेरा इतने बड़े मामले में नाम आने के बाद भविष्य ही खत्म हो गया है। इस फर्जी डिग्री मामले में मेरा कोई रोल नहीं है। मैं इन चारों आरोपियों को जानता तक नहीं हूं।
रिमांड पर दो आरोपी
हीरा सिंह कौशल और आदिल खान को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, क्योंकि इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद दो दिन की डिमांड पर लिया गया है। फर्जी डिग्री के मामले में मास्टरमाइंड बताए जा रहे हीरा सिंह कौशल ने बताया कि मैं एक शासकीय अस्पताल में रेडियोग्राफर हूं और मेरे पूरे डॉक्यूमेंट विभाग में जमा है। यदि मैं फर्जी हूं तो मुझे कोई भी सजा मिल जाए मैं उसे भुगतने के लिए तैयार हूं, लेकिन इन तीन डॉक्टर को मैं नहीं जानता। मुझे नहीं पता इन्होंने यह डिग्री कहां से बनवाई। इन लोगों के पास तो मेरा नंबर भी नहीं है मेरा नाम इन लोगों के द्वारा ले लिया तो पुलिस ने मुझे भी आरोपी बना दिया।
बयान के बाद होगी कार्रवाई
दमोह सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि फर्जी एमबीबीएस डिग्री के मामले में पकड़े गए तीनों डॉक्टर को न्यायालय में पेश कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। वहीं इस मामले का मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल पहले ही गिरफ्तार हो चुका था। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल से एक आरोपी आदिल खान को गिरफ्तार किया गया है। यह वहां पर आईटी का काम देखता है। इन दोनों आरोपियों को दो दिन की डिमांड पर लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। दोनों के बयानों में जो तथ्य निकलकर सामने आएगे उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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