दमोह जिले के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र जागेश्वर धाम बांदकपुर में 11 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर पहुंचने वाले शिवभक्तों के लिए रुद्र मैदान में ठहरने की निशुल्क व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। शिवालयों की सफाई और रंग-रोगन का कार्य भी पूरा हो चुका है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने मिलकर व्यापक इंतजाम किए हैं।
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मंदिर ट्रस्ट कमेटी के प्रबंधक पंडित रामकृपाल पाठक ने बताया कि यह धाम बुंदेलखंड का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है और इसे 13वें ज्योतिर्लिंग की मान्यता प्राप्त है। यहां स्थित शिवलिंग स्वयंभू है, जिसे किसी व्यक्ति ने स्थापित नहीं किया। श्रावण मास में दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। बीते कुछ वर्षों से कांवड़ यात्रा का चलन भी बढ़ा है। भक्त नर्मदा जल लेकर पैदल यात्रा करते हैं। जिनकी मनोकामना पूरी होती है, वे दंडवत प्रणाम करते हुए मंदिर पहुंचते हैं।
श्रावण सोमवार को गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा। केवल ड्यूटी पर मौजूद पुजारी और कर्मचारी ही अंदर जा सकेंगे। बाहर से ही जल अर्पण की व्यवस्था की गई है। मंदिर में प्रवेश के लिए रेलिंग लगाई गई है। संगमरमर के फर्श पर फिसलन रोकने के लिए कार्पेट बिछाए गए हैं। बैरिकेडिंग के ऊपर छाया की गई है। ऐतिहासिक प्राचीन बावड़ी का सौंदर्यीकरण कर उसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। सुरक्षा के लिए इसके चारों ओर स्थायी बैरिकेडिंग की गई है। मंदिर परिसर में केवल भगवान भोलेनाथ को ही जल अर्पित करने की अनुमति है। अन्य मंदिरों में जल चढ़ाना वर्जित है। इसके लिए सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं। अर्पित जल को मंदिर परिसर में बने पुष्पों के बगीचे के गड्ढे में विसर्जित किया जाता है। माता पार्वती मंदिर के पीछे भी जल विसर्जन के लिए एक बड़ा गड्ढा बनाया गया है।
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श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
मंदिर के प्रवक्ता आचार्य पंडित रवि शास्त्री ने बताया कि श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए रुद्र मैदान में दो बड़े टीनशेड बनाए गए हैं, जहां लगभग 500 तीर्थयात्री निशुल्क ठहर सकेंगे। पास में सुलभ शौचालय की व्यवस्था है। मंदिर ट्रस्ट के पार्किंग ग्राउंड में भी दो शेड बनाए गए हैं। मंदिर परिसर के विवाह मंडप में सूर्योदय से सूर्यास्त तक रुकने की सुविधा उपलब्ध है। धर्मशालाओं और होटलों में किराए पर कमरे भी उपलब्ध हैं। सुरक्षा के लिए परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस बल की तैनाती की गई है। श्रावण मास में प्रदेश और देश भर से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान जागेश्वर नाथ के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।