अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के बैरला गांव में बिजली विभाग की घोर लापरवाही एक परिवार पर दुखों का पहाड़ बनकर टूटी। गांव में लगे एक डीपी से बिजली का तार नीचे झूल रहा था, जिसमें अचानक करंट दौड़ गया। इसी दौरान खेत में काम कर रहे 40 वर्षीय किसान कप्तान सिंह राजपूत और उसकी भैंस करंट की चपेट में आ गए। भैंस को बचाने के लिए जैसे ही कप्तान सिंह की 16 वर्षीय बेटी शिवानी राजपूत आगे बढ़ी, वह भी करंट की चपेट में आकर झुलस गई।
चीख-पुकार सुनकर कप्तान सिंह ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह खुद बुरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद गंभीर रूप से झुलसे पिता-पुत्री को पहले लक्ष्मणगढ़ अस्पताल और फिर अलवर के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान कप्तान सिंह की मौत हो गई। झुलसी भैंस की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिवानी का इलाज जिला अस्पताल में जारी है।
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मृतक के भाई मानसिंह राजपूत ने बताया कि शिवानी करीब 10 मिनट तक करंट लगी भैंस के नीचे दबी रही। बड़ी मुश्किल से लोगों ने करंट का प्रवाह बंद कर दोनों को बाहर निकाला। तब तक कप्तान सिंह की हालत गंभीर हो चुकी थी। मानसिंह ने बताया कि कप्तान सिंह जोधपुर में मार्बल कटिंग का काम करते थे और कुछ दिन पहले ही अपनी भांजी की शादी में शामिल होने गांव आए थे। शादी 6 जुलाई को हुई थी और दो दिन बाद ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
ग्रामीणों और परिजनों ने बिजली विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लक्ष्मणगढ़ पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर विभाग समय रहते झूलते तारों की मरम्मत कर देता तो यह हादसा टल सकता था।