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A religious gathering will accompany the procession. A limited number of people will offer Friday prayers
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Dhar Bhojshala: दुल्हन की तरह सजा भोजशाला परिसर; हजारों केसरिया ध्वज, साढ़े पांच क्विंटल फूलों से विशेष सजावट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार Published by: धार ब्यूरो Updated Thu, 22 Jan 2026 10:00 PM IST
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भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार सुबह 7 से ही मां की पूजा और आराधना के स्वर गूंजेंगे। सुबह यज्ञ में पहली आहुति डालने के साथ ही वसंत उत्सव पर होने वाले पांच दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक 23 जनवरी को हिंदू समाज भोजशाला में ही पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान करते हुए पूजन करेगा। साथ ही मुस्लिम समाज भी नमाज पढ़ सकेगा, हालांकि जुमे की नमाज में प्रशासन से हुई बातचीत में तय हुए समाजजन ही शामिल होंगे। गोपाल शर्मा ने कहा कि हमारा विषय शुरू से ही अखंड पूजा का रहा है, कोर्ट से आदेश के बाद हम पूजा-अर्चना करेंगे।
भगवा ध्वज से सजा परिसर
वसंत उत्सव को लेकर भोजशाला सहित पूरा शहर भगवामय हो चुका है। यहां पर सैकड़ों की संख्या में केसरिया पताके लगाकर सजाया गया है। गर्भगृह सहित परिसर में ही साढ़े पांच क्विंटल फूलों से विशेष सजावट की गई है। हवन कुंड के आसपास केले के पत्ते भी लगाए गए हैं। कुंड के समीप ही वेदारंभ संस्कार की व्यवस्था की गई है, जहां पर बच्चों को संस्कारों के बारे में जानकारी देते हुए वेदारंभ होगा। परिसर में ही प्रशासन ने बैरिकेड से भी लगाए हैं। ताकि दर्शन व पूजन के लिए आने वाले समाज जनों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। महिलाओं ने परंपरा अनुसार रंगोली भी बनाई है।
शोभायात्रा के बाद होगी धर्मसभा
महामंत्री सुमित चौधरी के अनुसार मां सरस्वती यज्ञ की शुरुआत सुबह 7 बजे से होगी। साथ ही वेदारंभ संस्कार भी सुबह से शाम तक सरस्वती कंठाभरण परिसर में चलता रहेगा। मां वाग्देवी के तेल चित्र के साथ शोभायात्रा की शुरुआत नगर के उदाजी राव चौपाटी स्थित लालबाग उद्यान से होगी। यात्रा की शुरुआत सुबह 10.30 बजे होगी, जिसमें खुली जीप में मुख्य वक्ता व अतिथि अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विहिप आलोक कुमार व सनातन अखाड़े के संयोजक स्वामी स्वदेशानन्द गिरि जी महाराज विराजित रहेंगे। करीब ढाई किलोमीटर का मार्ग तय करके शोभायात्रा 12 बजे भोजशाला प्रांगण पहुंचेगी। यात्रा में हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं, युवतियां सहित ग्रामीण क्षेत्र से आई जनता शामिल होगी। वसंत पंचमी को दोपहर करीब 12.15 बजे धर्मसभा भोजशाला परिसर में होगी, जिसे मुख्य वक्ता संबोधित करेंगे। करीब एक घंटे बाद दोपहर 1.15 बजे मां वाग्देवी के तेल चित्र की महाआरती अतिथि द्वारा की जाएगी।
सर्वे की रिपोर्ट पक्षकारों को मिलेगी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी ऑर्डर के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए भोज उत्सव समिति से जुड़े अभिभाषक शीरिष दुबे ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूजन हवन रोकने के संबंध में कोई आदेश नहीं दिया है। इसलिए दोपहर के समय भी दर्शन पूजन/हवन जारी रहेगा और निर्विघ्न रूप से सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा संपन्न होगी। भोजशाला के प्रकरण का जल्द निराकरण करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए। अब भोजशाला के प्रकरण पर हाई कोर्ट जल्द ही निर्णय करेगा। भोजशाला संबंधित सभी प्रकरण हाईकोर्ट में ही चलेंगे तथा एएसआई की सर्वे रिपोर्ट भी सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जाएगी। मुस्लिम समाज द्वारा पुरातत्व विभाग के सर्वे को चुनौती देते हुई जो याचिका प्रस्तुत की थी उसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा निरस्त किया गया है।
सीमित संख्या में होगी नमाज
सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आदेश का अध्ययन करने के बाद जिला प्रशासन ने मुस्लिम समाज के वरिष्ठों से बातचीत की है। इसके बाद यह तय हुआ है कि सीमित संख्या में समाज के लोग जुमे की नमाज पढ़ेंगे। परिसर में पढ़ी जाने वाली नमाज में शामिल होने वाले लोगों की संख्या सहित नाम भी जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाए गए हैं। कमाल मौलाना मस्जिद कमेटी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का सुप्रीम फैसला हमें सर्वसम्मति से स्वीकार है। जो आदेश है, उसका हम निश्चित तौर पर पालन करेंगे। कोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिए हैं कि भोजशाला के भीतर ही सुरक्षा के बीच नमाज करवाई जाए। कोर्ट के आदेश का अभी अध्ययन चल रहा है।
शांति बनी रहे
सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश में कहा कि दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज के लिए परिसर के भीतर ही एक अलग और विशेष क्षेत्र उपलब्ध कराया जाए, जहां आने-जाने के लिए अलग प्रवेश और निकास मार्ग होंगे, ताकि नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। प्रशासन और एएसआई को निर्देश दिए गए हैं कि दोनों समुदायों के धार्मिक आयोजनों में किसी तरह की बाधा न आए और शांति बनी रहे।
पास होंगे जारी
कोर्ट से मिले निर्देश के बाद प्रशासन ने अपनी ओर से एक प्रेस रिलीज करते हुए बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्देशित किया गया है कि पूजा अर्चन करने वाले हिंदू समुदाय को पूर्व प्रथा अनुसार स्थान दिया जाएगा, जहां पर वसंत पंचमी के पर्व पर पारंपरिक पूजा पूर्ण समय तक निर्विघ्न चल सके। नमाज पढ़ने वाले मुस्लिम पक्ष को व्यक्तियों की संख्या का आकलन कर सूची जिला मजिस्ट्रेट को दी जानी है। 1 बजे से 3 बजे तक नमाज पढ़ने के लिए परिसर में एक स्वतंत्र और पृथक स्थान दिया जाएगा जिसकी पृथक आवागमन व्यवस्था होगी। जिला प्रशासन कानून व्यवस्था बनाने के दृष्टिकोण से आगंतुकों को पास जारी कर सकेगा। साथ ही कोई भी अन्य निर्णय ले सकेंगे, जिससे कानून व्यवस्था सुनिश्चित हो सकें और शान्तिपूर्ण तरीके से सभी आयोजन किये जा सके। साथ ही किसी तरह की अप्रिय घटना घटित न हो।
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