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Dhar News: नौ माह की गर्भवती और नवजात की मौत, इलाज में लापरवाही के आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार Published by: धार ब्यूरो Updated Sun, 01 Feb 2026 10:13 PM IST
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धार जिले की धरमपुरी तहसील के ग्राम धामनोद में गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे नवजात की मौत का मामला सामने आया है। गर्भवती महिला को एक निजी अस्पताल से धामनोद के सरकारी अस्पताल लाया गया था। मृतका की पहचान गायत्री पति दीपू (उम्र 26 वर्ष), निवासी मंडलेश्वर के रूप में हुई है। परिजनों ने धामनोद के सरकारी अस्पताल की ड्यूटी डॉक्टर मोनिका सिंह पर इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं डॉक्टर का कहना है कि महिला को अस्पताल मृत अवस्था में लाया गया था। आरोप-प्रत्यारोप के बीच मां के साथ-साथ नवजात की भी मौत हो गई। हालांकि परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया।
परिजनों के अनुसार, महिला का निजी अस्पताल में करीब 10 दिनों से इलाज चल रहा था। उसे बीपी की समस्या बताई गई थी और दवाइयां दी जा रही थीं। हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल ने आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए उसे सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल लाने के बाद भी महिला की धड़कन चल रही थी, इसके बावजूद समय पर इलाज नहीं किया गया।
अस्पताल प्रबंधन का तर्क
वहीं सरकारी अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला को सुबह करीब 9:30 बजे मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उसकी हालत पहले से ही बेहद गंभीर थी, उसे झटके आ रहे थे और रात से ब्लीडिंग हो रही थी। इस संबंध में अस्पताल द्वारा धामनोद पुलिस को सूचना दी गई और परिजनों को पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी गई, लेकिन परिजनों ने लिखित में पोस्टमार्टम न कराने की सहमति दे दी। ऐसे में मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी।
देर से लाए अस्पताल
सीबीएमओ धामनोद कीर्ति बोरासी ने बताया कि महिला की बीपी की समस्या गंभीर थी और नियंत्रण में नहीं थी। यदि समय रहते महिला को अस्पताल में भर्ती कर पूर्व में ही ऑपरेशन कर लिया जाता, तो संभवतः मां और बच्चे दोनों की जान बचाई जा सकती थी। पोस्टमार्टम न होने के कारण पूरे मामले की सच्चाई सामने आना अब मुश्किल हो गया है।
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