गुना जिले के म्याना क्षेत्र में सियार के आतंक से दर्जनों गांवों में दहशत फैल गई है। जंगल की सीमा लांघकर रिहायशी इलाकों में देखा जा रहा सियार अब तक कई लोगों को घायल कर चुका है, जिनमें बुजुर्गों और महिलाओं के साथ-साथ बच्चे भी शामिल हैं। वन विभाग की कड़ी मेहनत के बाद भी सियार अब तक पकड़ में नहीं आ सका है।
म्याना क्षेत्र के ग्राम चक्क, लहरघाट, रीछई, म्याना, सेनबाग, और कटा मोहल्ला सहित कई गांवों में सियार के हमले की खबरें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सियार की दिमागी हालत ठीक नहीं लगती, क्योंकि वह इंसानों को देखते ही हमला कर रहा है। आमतौर पर सियार इंसानों को देखकर भागने का प्रयास करते हैं, लेकिन इस सियार का आचरण असामान्य है।
ग्रामीणों ने इस मामले की सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद डिप्टी रेंजर बहादुर सिंह सूर्यवंशी और उनकी टीम ने म्याना कस्बे और आसपास के गांवों में सर्च अभियान चलाया। लेकिन, सियार अब तक पकड़ में नहीं आया है। इस स्थिति के चलते कई बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, और माता-पिता सुरक्षा की दृष्टि से खुद बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने जाते हैं।
म्याना के मेडिकल ऑफिसर प्रशांत दीक्षित ने बताया कि अब तक सियार ने 9 लोगों पर हमला किया है, जिनमें से अधिकतर घायलों को हाथ और पैर में चोटें आई हैं। इस स्थिति से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है, वे चाहते हैं कि सियार को जल्द से जल्द पकड़ा जाए ताकि उन्हें इस डर से मुक्ति मिल सके।
सियार के हमले से घायल हुए लोग