बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया और सक्रिय मानसून ट्रफ के प्रभाव से जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग के यलो अलर्ट के बीच हरदा, खिरकिया, टिमरनी, रहटगांव, मगरधा सहित वनांचल क्षेत्र की पहाड़ी नदियां और नाले उफान पर हैं। कई ग्रामीण मार्ग और स्टेट हाईवे जलमग्न हो गए हैं, जिससे दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। कई स्थानों पर जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे चिंताजनक मामला उस समय सामने आया जब तेज बहाव के बीच पुल के ऊपर से यात्रियों से भरी एक बस को गुजरते देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस चालक ने जोखिम उठाते हुए बस को बहते पानी के बीच से पार कराया। बताया जा रहा है कि बस समय पर हरदा बस स्टैंड पहुंचने की जल्दबाजी में थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस दौरान कोई बड़ा हादसा हो जाता तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। घटना के बावजूद मौके पर प्रशासन या परिवहन विभाग की ओर से कोई तत्काल रोकथाम या कार्रवाई दिखाई नहीं दी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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बारिश का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा। कई गांवों से आने वाले विद्यार्थी सड़कें बंद होने के कारण परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके और परीक्षा देने से वंचित रह गए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन संवेदनशील स्थानों पर पहले से पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, बैरिकेडिंग और निगरानी की व्यवस्था नहीं कर पाता। लगातार बिगड़ते हालात के बीच लोगों ने प्रशासन से जोखिम वाले मार्गों पर तत्काल आवागमन रोकने, वैकल्पिक व्यवस्था करने और जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है।