हरदा जिले की ग्राम पंचायत पलासनेर से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत सचिव ओमप्रकाश गुर्जर की आकस्मिक मृत्यु के बाद पंचायत सचिव संघ ने इसे सामान्य घटना मानने से इनकार करते हुए जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सचिव संघ का आरोप है कि जांच के नाम पर पंचायत सचिव ओमप्रकाश गुर्जर और जनपद पंचायत इंजीनियर योगेश गुर्जर को लगातार मानसिक प्रताड़ना दी गई, जिसके चलते सचिव की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
पंचायत सचिव एवं सहायक सचिव संघ, संयुक्त जिला हरदा की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत हरदा को ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत पलासनेर में लंबित शिकायतों की जांच के दौरान जांच टीम और संबंधित अधिकारियों द्वारा सचिव पर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया।
संघ के अनुसार, जांच टीम का बिना पूर्व सूचना पंचायत कार्यालय पहुंचना, बार-बार बयान लेना और मोबाइल फोन के माध्यम से लगातार संपर्क कर दबाव बनाना, सचिव के लिए अत्यधिक मानसिक तनाव का कारण बना। संघ का दावा है कि इसी दबाव के चलते ड्यूटी के दौरान ओमप्रकाश गुर्जर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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सचिव संघ ने इस पूरे घटनाक्रम को प्रशासनिक संवेदनहीनता का परिणाम बताया है। ज्ञापन में कुछ शिकायतकर्ताओं और स्थानीय पत्रकारों पर भी अनावश्यक दबाव बनाने और मानसिक प्रताड़ना करने के आरोप लगाए गए हैं। संघ ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और संबंधित अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए।
इसके साथ ही पंचायत सचिव संघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो जिले के सभी पंचायत कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर जाएंगे। संघ ने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति में जिले की पंचायतों का कामकाज पूरी तरह ठप हो जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।