जिले में देर रात अचानक मौसम ने करवट ले ली और तेज गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस अप्रत्याशित बारिश ने जहां एक ओर गर्मी से राहत दी और तापमान में गिरावट दर्ज की, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए परेशानी भी खड़ी कर दी है।
खुले खलिहानों में रखी फसलें बारिश में भीग गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई किसानों की कटी हुई गेहूं की फसल अभी खेतों और खलिहानों में ही पड़ी थी, जो अचानक हुई बारिश की चपेट में आ गई। फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने और सड़ने की आशंका बढ़ गई है। खासकर गेहूं की फसल को सबसे अधिक नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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किसानों का कहना है कि यदि समय पर सरकारी खरीदी प्रक्रिया शुरू हो जाती, तो उन्हें इस तरह के नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द गेहूं खरीदी शुरू कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके। हालांकि, इस बारिश का सकारात्मक असर भी देखने को मिल रहा है। ग्रीष्मकालीन फसल मूंग के लिए यह बारिश लाभकारी मानी जा रही है। बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, जिससे फसल के विकास में मदद मिलेगी और सिंचाई की आवश्यकता भी कम होगी।
इस प्रकार, अचानक बदले मौसम ने किसानों को एक ओर राहत तो दूसरी ओर नुकसान दोनों का अनुभव कराया है। अब किसानों की नजर प्रशासनिक कदमों पर टिकी है, ताकि उन्हें समय रहते उचित सहायता मिल सके।