हरदा जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी अब फसलों पर भी असर डालने लगी है। खासतौर पर मूंग की फसल में पीला मोजक रोग का प्रकोप देखने को मिल रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले के कई गांवों से फसल प्रभावित होने की जानकारी मिलने के बाद कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग की टीमों ने खेतों का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
खेतों में पहुंचकर किसानों को दे रहे सलाह
कृषि वैज्ञानिक और विभागीय अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों को रोग की पहचान और उससे बचाव के तरीके बता रहे हैं। किसानों को फसल की लगातार निगरानी रखने और समय रहते सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। कृषि विज्ञान केंद्र की प्रमुख डॉ. संध्या मुरे ने बताया कि जिले के कुछ क्षेत्रों में मूंग की फसल में पीला मोजक रोग के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस रोग की शुरुआत पत्तियों पर हल्के पीले धब्बों से होती है, जो धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं। बाद में पूरी पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और पौधों का विकास रुक जाता है। इससे प्रभावित पौधे छोटे रह जाते हैं और उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका रहती है।
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सफेद मक्खी से फैलता है रोग
डॉ. संध्या मुरे ने बताया कि यह रोग मुख्य रूप से सफेद मक्खी के कारण फैलता है। ऐसे में किसानों को संक्रमित पौधों को तुरंत खेत से उखाड़कर अलग नष्ट करने की सलाह दी गई है, ताकि संक्रमण दूसरी फसल तक न फैले। कृषि विभाग और वैज्ञानिकों ने किसानों को सफेद मक्खी पर नियंत्रण के लिए खेतों में पीले चिपचिपे ट्रैप लगाने की सलाह भी दी है। इससे कीटों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की है कि वे नियमित रूप से फसल की निगरानी करें। यदि शुरुआती लक्षण दिखाई दें तो तुरंत कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें, ताकि समय रहते फसल को नुकसान से बचाया जा सके।