मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में अब दिशा लर्निंग सेंटर के माध्यम से पुलिस परिवार के बच्चों का भविष्य संवारने की पहल की गई है। बुधवार को पुलिस महानिदेशक ने वर्चुअल रूप से नगर के पुलिस ग्राउंड स्थित भवन में दिशा सेंटर का शुभारंभ किया। इस केंद्र का उद्देश्य पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को उनके परिवार को समय न दे पाने के कारण अपने बच्चों के भविष्य को लेकर बढ़ती चिंताओं का समाधान करना है। इसको लेकर प्रदेश मुख्यालय भोपाल से डीजीपी ने नई पहल करते हुए दिशा सेंटर का शुभारंभ किया है, जो पुलिस परिवार के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में ऊंचाइयों तक पहुंचाने में कारगर साबित होगा। इन सेंटर्स के माध्यम से अब पुलिस लाइन में सर्व-सुविधा युक्त, शांत और सुरक्षित वातावरण में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाएगी।
इस अवसर पर खंडवा एसपी मनोज कुमार राय ने बताया कि पुलिस कर्मियों के परिवार के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर पुलिस महानिदेशक ने यह सराहनीय पहल की है। यहां पुलिस कर्मचारियों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने और कैरियर गाइडेंस प्राप्त करने के लिए बेहतर वातावरण प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे अपना उज्ज्वल भविष्य बना सकें। इस केंद्र में एक ऐसा वातावरण उपलब्ध करवाया जा रहा है, जहां बच्चे शांतिपूर्वक बैठकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। यहां लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे छात्र अध्ययन कर सकते हैं, साथ ही समाचार पत्र और पत्रिकाओं के माध्यम से करेंट अफेयर्स की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।
सुरक्षित वातावरण में बच्चे कर सकेंगे पढ़ाई
एसपी राय ने बताया कि यह योजना सितंबर माह से शुरू हुई है, जिसमें अब तक खंडवा जिले के चार युवकों ने पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा पास की है और वे शारीरिक परीक्षा के लिए गए हैं। वहीं, यहां से तैयारी करते हुए एक लड़की एमपीपीएससी के साक्षात्कार तक पहुंच चुकी है, जिसका इंटरव्यू नवंबर में होना है। इस तरह के केंद्र से छात्रों को एक मोटिवेशन मिलता है, और वे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित होते हैं। चूंकि पुलिस की ड्यूटी का समय निर्धारित नहीं होने के कारण वे अपने परिवार को समय नहीं दे पाते हैं, ऐसे में पुलिस महानिदेशक की इस पहल से पुलिस परिवार के बच्चे सुरक्षित वातावरण में अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे और भविष्य में अपने करियर में सफलता प्राप्त करेंगे।