जैसे-जैसे दौसा में विधानसभा उपचुनाव के मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनाव और भी रोचक होता जा रहा है। पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही थी, लेकिन अब दौसा विधानसभा उपचुनाव के इस दंगल में ब्राह्मण संगठन चाणक्य गण समिति और मिशन हम भारत के लोग ने निर्दलीय प्रत्याशी देवी सिंह के समर्थन में उतरकर मुकाबला और भी दिलचस्प बना दिया है।
दौसा में एक प्रेस वार्ता कर 'हम भारत के लोग' के मुख्य संयोजक योगेश्वर नारायण शर्मा ने कहा कि हम लोगों की तरफ से दौसा उपचुनाव लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ा जा रहा है। इसके लिए हमने एक कमेटी गठित की है। इस मिशन को गांवों, कस्बों और शहरों में जाकर कांग्रेस और भाजपा की जातिवादी, युवा विरोधी और हिंसक विचारधारा को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
'हम भारत के लोग' के संयोजक कर्नल आरएस बावड़ी ने कहा कि हमारा अनुभव है कि दोनों बड़ी पार्टियां विकास का झुनझुना दिखाकर जनता को जातिवाद और टकराव में धकेलती हैं, फिर शासन करती हैं। साथ ही ये दोनों पार्टियां लोकतंत्र को पार्टी तंत्र की ओर धकेल रही हैं।
पार्टी के एक और संयोजक ने कहा कि पार्टी तंत्र के बढ़ने के कारण वास्तविक जनप्रतिनिधि का चुनाव बंद हो चुका है। इसलिए हमने दौसा विधानसभा उपचुनाव में कई निर्दलीय प्रत्याशियों से संपर्क किया और सभी को देखने के बाद हमें ऐसा लगा कि हमें देवी सिंह दौसा का समर्थन करना चाहिए। हमने गांवों में भी इस बारे में जांच की, और पाया कि आज दौसा की जनता भाजपा और कांग्रेस दोनों को वोट नहीं देना चाहती, जिसके चलते हमने देवी सिंह को अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि इस मामले में उन्हें चाणक्य गण समिति से भी एक पत्र मिला है, जिसमें बताया गया है कि दौसा विधानसभा के सभी ब्राह्मण संगठन और ब्राह्मण उम्मीदवार देवी सिंह के समर्थन में मतदान करेंगे, ताकि दोनों पार्टियां समझ सकें कि वोट की ताकत क्या होती है।