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Khandwa: रेलवे ट्रैक पर लगे थे विस्फोटक पटाखे, सेंट्रल रेलवे ने भी माना रेलवे के ही इस्तेमाल हुए डेटोनेटर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Published by: खंडवा ब्यूरो Updated Sun, 22 Sep 2024 08:47 PM IST
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मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से गुजर रहे सेंट्रल रेलवे के दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर बुधवार को भारतीय सेना के जवानों को लेकर जा रही स्पेशल ट्रेन के पहियों के नीचे विस्फोटक पटाखे लगाने का मामला सामने आया था। जिसके बाद ट्रेन के चालक के द्वारा कुछ देर तक ट्रैक का निरीक्षण कर ट्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने के बाद ट्रेन को सकुशल रवाना किया गया था। हालांकि ट्रेन चालक ने इस घटना की जानकारी भुसावल मंडल में दर्ज करा दी थी।
जिसके बाद भारतीय रेल के साथ साथ भारतीय सेना की सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर शनिवार को रेलवे का सुरक्षा बल, स्थानीय पुलिस और सुरक्षा जांच एजेंसीया भी मौके पर पहुंची थीं। जहां ट्रैक की जांच करने पर ट्रेक पर डेटोनेटर लगाया जाना सामने आया था। इसके बाद से ही इस घटना को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि रविवार देर शाम इस घटना को लेकर रेलवे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि ट्रैक पर लगाए गए डेटोनेटर सामान्य इस्तेमाल वाले पटाखे हैं, जिनकी तेज आवाज से ड्राइवर को सतर्क किया जाता है।
रेलवे ने माना ट्रैक पर लगाए गए थे डेटोनेटर्स
सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वपनिल नीला ने इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मध्य रेलवे के नेपानगर से लेकर खंडवा के बीच स्थित सागफाटा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर कुछ डेटोनेटर्स लगाने की घटना 18 तारीख को सामने आई है। इस घटना में जो डेटोनेटर्स इस्तेमाल किए गए हैं, वह रेलवे के द्वारा रेगुलर काम में इस्तेमाल किए जाने वाले डेटोनेटर हैं। जिन्हें सामान्य बोलचाल की भाषा में पटाखे भी बोला जाता है। वहीं उन्होंने बताया कि जब यह पटाखेनुमा डेटोनेटर्स फटते हैं तो इसकी बहुत तेज आवाज होती है।
इसलिए इस्तेमाल होते हैं ये पटाखेनुमा डेटोनेटर्स
इसके साथ ही जनसम्पर्क अधिकारी नीला ने इन डेटोनेटर्स का रेलवे में इस्तेमाल स्पष्ट करते हुए बताया कि इनके फटने की तेज आवाज के चलते उस ट्रैक से गुजर रहे ट्रेन के चालक को रेलवे ट्रैक पर स्थित आगे के अवरोध, रुकावट या धुंध और कोहरे के समय में किसी तरह के सिग्नल की जानकारी आसानी से मिल जाती है। वहीं उन्होंने बताया कि यह डेटोनेटर रेलवे के द्वारा सामान्य तौर पर रेगुलरली इस्तेमाल किए जाते हैं, जिन डेटोनेटर को वहां पर लगाया गया था। हालांकि इन डेटोनेटर को उस वक्त में सागफाटा रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक पर लगाने का कोई औचित्य नहीं था।
पूरे मामले की RPF के द्वारा की जा रही गहन जांच
वहीं रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि बगैर किसी कारण सागफाटा रेलवे स्टेशन पर लागये गए, इन डेटोनेटर को वहां लगाने के बारे में आरपीएफ के द्वारा गहन जांच पड़ताल की जा रही है। इसको लगाने के लिए, या इसको जिस भी व्यक्ति के द्वारा लगाया गया है, उसकी पूरी तहकीकात सभी दृष्टिकोण से की जा रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि जब भी इसके आगे की जानकारी स्पष्ट होगी, वह सभी के साथ रेलवे के द्वारा साझा की जाएगी।
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