मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार को खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थनगरी ओंकारेश्वर पहुंचे। सीएम यादव यहां पहुंचते ही सबसे पहले एकात्म धाम पर गए, जहां उन्होंने आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एकात्म धाम क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और यहां बनाई गई एकात्म दर्शन की प्रदर्शनी को भी निहारा। इसके बाद मीडिया से चर्चा के दौरान बड़ी घोषणाएं करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि एकात्म धाम सहित ज्योतिर्लिंग क्षेत्र को विकसित किए जाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। यही नहीं, उन्होंने यहां लगने वाले कुम्भ की ओर इशारा करते हुए कहा कि पहले 12 सालों में एक बार तीर्थ यात्री यहां पहुंचते थे, लेकिन हम कोशिश करेंगे कि यहां 12 महीने ही तीर्थ यात्री पहुंचते रहें।
तीर्थनगरी स्थित एकात्म धाम पर अपने निर्धारित समय से आधे घंटे विलम्ब से ओम्कारेश्वर पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि ओंकारेश्वर धाम पर भगवान आदि गुरु शंकराचार्य जी के ना केवल स्थान और प्रतिमा के दर्शन किए बल्कि आध्यात्मिक पर चर्चा कर संतों से मिलने का मौका भी यहां मिला है। इसके बाद मुख्यमंत्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर भी पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। इसके बाद में वे ब्रह्मपुरी घाट पहुंचे, और अपने गुरु की पैदल नर्मदा परिक्रमा यात्रा में शामिल हुए। इन दौरान संतों ने मुख्यमंत्री से एकात्मक दर्शन क्षेत्र के विकास की कार्य योजना बताई, और भविष्य में इसे कैसे वैश्विक पटल पर स्थापित किया जा सकता है उसके बारे में भी बताया। बता दें कि इस धार्मिक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री स्थानीय जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी ली।
आध्यात्मिक विषयों को लेकर बनाई जाएगी योजना
इस दौरान सीएम ने कहा कि सनातन संस्कृति मे शंकराचार्य का अद्वेत योगदान रहा है, जिसके कारण हमारे देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। देश में आचार्य शंकर जी अलग प्रकार से जाने जाते हैं। आदि गुरु शंकराचार्य जी के प्रकल्प को आगे बढ़ने का प्रयास हमारी सरकार के द्वारा जारी है। देश को शंकराचार्य जी ने अलग पहचान दी है, ऐसे शंकराचार्य से जुड़े अध्यात्म विषयों को लेकर योजना बनाकर हमारी सरकार इसको आगे बढ़ाएगी।
कम समय में हो सकेंगे एक साथ दो ज्योतिर्लिंग के दर्शन
सिहंस्थ को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के सभी कार्य समय सीमा में ही पूरे होंगे। सिहस्थ 2028 को लेकर हमारी सरकार युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। ज्योतिर्लिंग उज्जैन और महाकाल के बीच अब प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आने लगे हैं, अब हमेशा सिहस्थ जैसा लगता है। 12 साल में 12 महीने ही आवागमन बड़ा है, और यह पर्यटन का नया प्रकल्प बना है। इसलिए जो दो ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना चाहते हैं उन्हें संपूर्ण सुविधा दी जाएगी। आपने देखा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में फोरलेन कार्य लगभग चालू हो गया है, जो कि जून तक पूरा हो जाएगा। रेल लाइन वाला पार्ट भी हो ही रहा है। हवाई सेवा के लिए प्रयास किया था, दोबारा और करेंगे। कम समय में भी लोग दो ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकें, इसको लेकर हमारी सरकार यहां आने वाले श्रद्धालुओं की हर सुविधा को लेकर योजना बना रही है।