मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर में रविवार सुबह तीन तीर्थ यात्रियों को डूबने से बचाया गया। घटना पवित्र नगरी के नर्मदा तट के चक्र तीर्थ घाट की है, जहां रविवार की छुट्टी के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करने पहुंचे थे। ओस दौरान अचानक कुछ श्रद्धालु स्नान हेतु तय किए गए स्थान से आगे बढ़कर डुबकी लगाने लगे। हालांकि यहां के घाटों पर तय सीमा के बाद पानी के गहने होने का अंदाजा लगा पाना मुश्किल होता है और अचानक से कुछ स्थानों पर जलस्तर अधिक गहरा हो जाता है। जिसके चलते ये तीनों श्रद्धालु अचानक ही डूबने लगे। गनीमत रही की कुछ हादसा होता उसके पूर्व ही वहां मौजूद नाविकों ने इन्हें डूबते देख लिया और तुरंत ही उनके पास पहुंच कर उन्हें बचाकर सुरक्षित घाट तक पहुंचा दिया। फिलहाल तीनों की पहचान नहीं हो सकी है।
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बता दें कि इस समय नर्मदा के ऊपरी कछार के क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण जिले के पुनासा ब्लॉक स्थित इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर डैम के रिजर्वायर क्षेत्र में पानी का स्तर लगातार बढ़ते जा रहा है। जिससे इन दोनों डैम के गेट खोलकर नर्मदा में अतिरिक्त पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। जिससे नर्मदा का जलस्तर पहले ही बड़ा हुआ है। जलस्तर का अंदाजा नहीं होने की वजह से ही तीर्थ यात्रियों को भी किनारे ओर सुरक्षित जगह पर बैठकर ही स्नान करने की मुनादी लगातार जिला प्रशासन के द्वारा कराई जा रही है। बावजूद इसके कुछ श्रद्धालु तैराकी दिखाने के चक्कर में तय सीमा से आगे बढ़ कर स्नान करने लग जाते हैं, जिससे ऐसे हादसे आये दिन देखने में आ रहे हैं।
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वहीं मौके पर यदि आज कोई स्थानीय व्यक्ति या नाविक नहीं होते तो निश्चित ही यह तीनों श्रद्धालु डूब जाते। जिसके बाद नाविक संघ और मंदिर प्रशासन ने भी तीर्थयात्रियों से अपील की है कि ओंकारेश्वर या अन्य कहीं भी नए स्थान पर जाने पर सुरक्षित स्थान को देखकर ही किनारे पर बैठकर ही स्नान करें। भले ही कितने भी अच्छे तैराक क्यों ना हों।