खरगोन की एक छात्रा ने अपने अटूट साहस और मजबूत इरादों से सभी को प्रेरित कर दिया। सीबीएसई 10वीं बोर्ड की छात्रा स्वधा वर्मा ने गंभीर चोट के बावजूद परीक्षा देकर यह साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि मन मजबूत हो तो लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
दो दिन पहले हरमन कॉलोनी क्षेत्र में बाइक से गिरने के कारण स्वधा गंभीर रूप से घायल हो गई थी। हादसे में उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर आ गया। चोट इतनी गंभीर थी कि वह ठीक से बैठ भी नहीं पा रही है। फिलहाल उसका इलाज निजी हॉस्पिटल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। शनिवार को अंग्रेजी विषय की बोर्ड परीक्षा निर्धारित थी। दर्द और शारीरिक असुविधा के बावजूद स्वधा ने परीक्षा देने का निर्णय लिया। उसके पिता अमित वर्मा सुबह उसे कार से परीक्षा केंद्र लेकर पहुंचे। बेटी की पढ़ाई के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्होंने भी पूरा साथ दिया।
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परीक्षा केंद्र पर स्कूल प्रशासन ने संवेदनशीलता और सहयोग का परिचय दिया। विशेष अनुरोध पर परीक्षा कक्ष में बैड की व्यवस्था की गई, ताकि स्वधा लेटकर परीक्षा दे सके। बिस्तर पर लेटकर उसने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना पेपर लिखा। परीक्षा के बाद उसने संतोष जताया और कहा कि वह अपनी तैयारी के अनुसार पेपर दे पाई। स्वधा के पिता ने बताया कि बेटी का मनोबल बेहद मजबूत है और वह अपनी पढ़ाई को लेकर हमेशा गंभीर रहती है।
शिक्षकों ने भी उसकी हिम्मत की सराहना की और कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने का उसका जज़्बा अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। स्वधा की कहानी यह संदेश देती है कि सच्ची लगन और दृढ़ संकल्प के आगे मुश्किलें टिक नहीं पातीं।