राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को अमरपाटन नगर में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर सैकड़ों स्वयंसेवक पारंपरिक गणवेश में अनुशासनबद्ध पंक्तियों में नगर भ्रमण पर निकले नगर का माहौल देशभक्ति के गीतों, बैंड की ताल और भगवा ध्वजों की छटा से गूंज उठा।
पथ संचलन की शुरुआत रविवार को बाल भारती स्कूल परिसर से हुई, जहां स्वयंसेवक निर्धारित समय पर एकत्रित हुए झंडा वंदन और प्रार्थना के बाद संचलन दल ने अनुशासनपूर्वक नगर भ्रमण प्रारंभ किया। मार्ग में प्रमुख स्थानों बस स्टैंड, गांधी चौक, पुरानी बाजार, सब्जी मंडी मार्ग, मंदिर मार्ग होते हुए दल ने शहर के विभिन्न इलाकों का भ्रमण किया। हर चौक-चौराहे पर नागरिकों ने फूल बरसाकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। 100 वर्षों की राष्ट्रसेवा का संदेश कार्यक्रम का उद्देश्य संघ के एक शताब्दी के राष्ट्रसेवा, राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। इस दौरान शाखा प्रमुखों ने लोगों से अपील की कि वे राष्ट्रहित, सेवा और समाज में एकता के मूल्यों को अपनाएं। पथ संचलन में स्थानीय नागरिक, विद्यार्थी, व्यापारी और समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस प्रशासन मुस्तैद
कार्यक्रम के दौरान अमरपाटन पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और यातायात व्यवस्था को संचलन मार्ग के अनुसार नियंत्रित रखा गया थाना प्रभारी के नेतृत्व में पूरी टीम ने रूट पर पैदल गश्त की और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने देने के लिए निगरानी रखी।
नगर में उत्साह और श्रद्धा का माहौल
पथ संचलन के दौरान नगर का हर कोना भगवा और तिरंगे रंगों में रंगा नजर आया बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने घरों की छतों से फूल बरसाकर स्वागत किया।
सड़क किनारे खड़े नागरिकों ने स्वयंसेवकों के अनुशासन और ऊर्जा की सराहना की पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।
संघ के 100 वर्ष: एक गौरवशाली यात्रा
1925 में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज सेवा, संस्कृति और संगठन का प्रतीक बन चुका है 100 वर्ष की यात्रा में संघ ने शिक्षा, पर्यावरण, ग्राम विकास और आपदा राहत जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं अमरपाटन में आयोजित यह पथ संचलन भी उसी परंपरा का हिस्सा है जहां राष्ट्र ही सर्वोपरि है, और सेवा ही सच्चा साधन।

मैहर में निकला पथ संचलन
मैहर में निकला पथ संचलन
मैहर में निकला पथ संचलन