मध्य प्रदेश के नवगठित जिले मैहर में कलेक्टर विदिशा मुखर्जी एक बार फिर अपने सख्त और संवेदनशील रवैये को लेकर चर्चा में हैं। सिविल अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान मेटरनिटी वार्ड में सामने आई एक हकीकत ने उन्हें न सिर्फ चौंकाया, बल्कि मौके पर ही समाज और प्रशासन दोनों को आईना दिखाने पर मजबूर कर दिया।
5वें बच्चे के जन्म पर जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान जब कलेक्टर को जानकारी मिली कि एक महिला ने अपनी पांचवीं संतान को जन्म दिया है, तो वे सीधे उस प्रसूता के पास पहुंचीं। उन्होंने बेहद मानवीय तरीके से महिला से बातचीत की और समझाया कि आज के समय में इतने बड़े परिवार का पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना कितना कठिन है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सिर्फ बच्चों को जन्म देना ही जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर भविष्य देना भी उतना ही जरूरी है।
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सोच बदलने की जरूरत, समाज को दिया संदेश
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद लोगों से कहा कि समय बदल चुका है, लेकिन समाज का एक वर्ग अब भी पुत्र प्राप्ति की सोच में उलझा हुआ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं, प्रशासन से लेकर नेतृत्व तक। जब बेटियां कलेक्टर, अधिकारी और निर्णयकर्ता बन रही हैं, तो फिर लड़का-लड़की में भेदभाव क्यों?
मैदानी अमले पर भी गिरी गाज
कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों ANM, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई उन्होंने पूछा कि परिवार नियोजन और जागरूकता अभियान केवल कागजों तक ही क्यों सीमित हैं? उन्होंने निर्देश दिए कि अब सिर्फ रिपोर्ट नहीं, बल्कि जमीनी बदलाव दिखना चाहिए।
कुपोषण और एनीमिया मुक्त मैहर का लक्ष्य
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ‘सभा संवाद’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए वे लगातार जमीनी स्तर पर निगरानी कर रही हैं। उनका लक्ष्य है कि जिले में कोई बच्चा कुपोषित न रहे कोई भी महिला एनीमिया की शिकार न हो उन्होंने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही या जागरूकता की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
निरीक्षण के बाद बड़ा संदेश
यह निरीक्षण सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं रहा, बल्कि एक सामाजिक चेतावनी बन गया छोटा परिवार, बेहतर भविष्य , बेटा-बेटी में समानता,जागरूकता ही असली समाधान मैहर में कलेक्टर का यह सख्त लेकिन संवेदनशील रवैया अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विदिशा मुखर्जी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विदिशा मुखर्जी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विदिशा मुखर्जी