Hindi News
›
Video
›
Madhya Pradesh
›
A massive surge of faith marked the grand Kanwar Yatra that set out from Sethani Ghat to Jatashankar
{"_id":"6a70609784b6a0f1760be9af","slug":"a-massive-surge-of-faith-marked-the-grand-kanwar-yatra-that-set-out-from-sethani-ghat-to-jatashankar-on-the-first-monday-of-shravan-narmadapuram-news-c-1-1-noi1512-4571048-2026-08-03","type":"video","status":"publish","title_hn":"Narmadapuram News: श्रावण के पहले सोमवार पर आस्था का सैलाब, सेठानी घाट से जटाशंकर के लिए निकली कांवड़ यात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Narmadapuram News: श्रावण के पहले सोमवार पर आस्था का सैलाब, सेठानी घाट से जटाशंकर के लिए निकली कांवड़ यात्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नर्मदापुरम Published by: नर्मदापुरम ब्यूरो Updated Mon, 03 Aug 2026 09:22 PM IST
Link Copied
श्रावण मास में शिवभक्ति अपने चरम पर है। सोमवार को विश्व प्रसिद्ध सेठानी घाट पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब हजारों कांवड़िये मां नर्मदा का पवित्र जल कंधों पर लेकर प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी स्थित भगवान जटाशंकर महादेव के लिए पैदल रवाना हुए। हर-हर महादेव बोल बम और नर्मदे हर के जयघोष से पूरा घाट शिवमय हो उठा। भगवा वस्त्रों में सजे श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखते ही बन रही थीं।
1100 मीटर लंबी चुनरी अर्पित कर लिया मां नर्मदा का आशीर्वाद
यात्रा शुरू होने से पहले श्री जटाशंकर कांवड़ यात्रा समिति ने मां नर्मदा को 1100 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। इसके बाद कांवड़ियों ने मां नर्मदा का पवित्र जल भरा और भगवान शिव के जयघोष के साथ अपनी पदयात्रा प्रारंभ की।
24वें वर्ष में पहुंची ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा
श्री जटाशंकर कांवड़ यात्रा समिति की अध्यक्ष राजो मालवीय के नेतृत्व में आयोजित यह यात्रा इस वर्ष अपने 24वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। अब तक करीब 750 कांवड़ियों का पंजीयन हो चुका है, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु लगातार यात्रा से जुड़ रहे हैं। मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिवभक्त इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बने हैं।
10 अगस्त को पचमढ़ी के जटाशंकर महादेव पहुंचेंगे कांवड़िये
समिति के अनुसार कांवड़ यात्रा विभिन्न पड़ावों से होकर 10 अगस्त को पचमढ़ी स्थित भगवान जटाशंकर महादेव मंदिर पहुंचेगी। यहां मां नर्मदा के पवित्र जल से भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया जाएगा। यात्रा के समापन पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे।
यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम
राजो मालवीय ने बताया कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा, विश्राम स्थल, प्रसादी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। समिति के स्वयंसेवक पूरी यात्रा के दौरान सेवा कार्य में जुटे रहेंगे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
श्रावण में जलाभिषेक का विशेष धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में मान्यता है कि श्रावण मास में पवित्र नदियों के जल से भगवान शिव का अभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी अटूट आस्था के साथ हजारों श्रद्धालु कठिन पदयात्रा करते हुए मां नर्मदा का पवित्र जल भगवान जटाशंकर महादेव को अर्पित करने निकल पड़े हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी यह यात्रा शिवभक्ति, सेवा, अनुशासन और सनातन संस्कृति का भव्य संदेश दे रही है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।