सड़क खुदाई के दौरान जमीन से निकले पुराने सिक्कों ने नर्मदापुरम जिले में नई चर्चा छेड़ दी है। पूरे दिन गांव और आसपास के इलाकों में यही बात रही कि खुदाई के दौरान बड़ी संख्या में प्राचीन सिक्के मिले हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर अभी केवल तीन सिक्कों की पुष्टि हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब 100 से 150 पुराने सिक्के विभिन्न लोगों के हाथ लगे हैं। सिक्कों की खबर फैलते ही क्षेत्र में उत्सुकता और चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
जानें किस-किस सन के बताए जा रहे हैं सिक्के
पुलिस के पास फिलहाल जो तीन सिक्के पहुंचे हैं, उनमें एक वर्ष 1907 का और दो वर्ष 1940 के बताए जा रहे हैं। 1940 के सिक्कों ने विशेष रूप से इतिहास प्रेमियों और स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा है, क्योंकि ये ब्रिटिश शासन काल के हैं। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर सिक्के मिले हैं, वहां कभी पुराना आवास और बस्ती क्षेत्र हुआ करता था, जिससे जमीन के नीचे किसी पुराने संग्रह या छिपे हुए भंडार की संभावना भी जताई जा रही है।
स्थानीय नागरिक विनोद तिवारी ने बताया कि उन्हें एक सिक्का मिला था, जिसे उन्होंने पुलिस को सौंप दिया। वहीं क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि कई लोगों को सिक्के मिलने के बावजूद वे सामने नहीं आ रहे हैं। माना जा रहा है कि सिक्कों की संभावित ऐतिहासिक और आर्थिक कीमत को देखते हुए लोग उन्हें सार्वजनिक करने से बच रहे हैं।
मिले सिक्कों में वर्ष 1940 का एक रुपया विशेष महत्व रखता है। यह ब्रिटिश भारत का सिक्का है, जिस पर ब्रिटिश सम्राट का चित्र अंकित है। सिक्के पर अंग्रेजी में लिखा है, जबकि दूसरी ओर वन रुपये 1940 इंडिया अंकित है। उस समय भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था और सिक्कों पर ब्रिटिश सम्राट का नाम और चित्र छापा जाता था।
इतिहासकारों के अनुसार यह सिक्का केवल मुद्रा नहीं, बल्कि भारत के औपनिवेशिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। वर्ष 1940 का दौर का भी था, जब पूरी दुनिया युद्ध की आग में झुलस रही थी। ऐसे में उस काल के सिक्के तत्कालीन राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों की कहानी अपने भीतर समेटे हुए हैं।
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केसला थाना प्रभारी राहुल रैकवार ने बताया कि फिलहाल पुलिस के पास तीन सिक्के सुरक्षित हैं। सोमवार को विधिवत पत्राचार कर इन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को जांच और परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी प्रकार का आपराधिक मामला सामने नहीं आया है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया की जा रही है। खुदाई में वास्तव में कितने सिक्के निकले हैं, इसका खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
फिलहाल केसला में एक ही सवाल गूंज रहा है, क्या यह महज कुछ पुराने सिक्कों की बरामदगी है, या फिर जमीन के नीचे दफन ब्रिटिश काल के किसी भूले-बिसरे खजाने की कहानी अब सामने आने वाली है? जांच पूरी होने तक यह रहस्य लोगों की जिज्ञासा और चर्चाओं का केंद्र बना रहेगा।