नर्मदापुरम जिले के इटारसी के सराफा बाजार स्थित तुलसी ज्वेलर्स में हुई करीब 13 लाख रुपये की चोरी ने उस समय पूरे इलाके में सनसनी फैला दी, जब पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस वारदात को किसी बाहरी बदमाश ने नहीं, बल्कि दुकान के ही भरोसेमंद कर्मचारी ने अंजाम दिया है। जिस कर्मचारी पर मालिक वर्षों से आंख मूंदकर भरोसा कर रहा था, उसी ने अंदर ही अंदर पूरी साजिश रचकर बड़ी चोरी को अंजाम दे दिया।
पूरा मामला 4 मई का है, जब दुकान संचालक राकेश अग्रवाल ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि महीने के अंत में हिसाब-किताब करने पर सोने के मंगलसूत्र के 10 पेंडेल गायब मिले हैं। इन पेंडेल की कुल कीमत लगभग 13 लाख रुपये बताई गई। कई बार दुकान और स्टॉक की जांच करने के बाद भी जब जेवर का कोई सुराग नहीं मिला तो चोरी की आशंका गहराने लगी और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल एक टीम गठित की गई और जांच शुरू की गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई, जिसमें पाया गया कि दुकान में कोई सीसीटीवी कैमरा ही नहीं लगा था। इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि दुकान का कर्मचारी गौरव नामदेव पिछले करीब 15 दिनों से बिना किसी सूचना के काम पर नहीं आ रहा है, जिससे शक की सुई सीधे उसी पर टिक गई।
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पुलिस ने तुरंत गौरव नामदेव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआत में उसने खुद को निर्दोष बताते हुए बीमारी और बाहर जाने की कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन साइबर टीम से मिले तकनीकी इनपुट और साक्ष्यों ने उसकी झूठी कहानी को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। लगातार पूछताछ के बाद आखिरकार उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी ने बताया कि उसे पहले से पता था कि दुकान का पूरा हिसाब महीने के अंत में किया जाता है। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने 17 अप्रैल को ही मौका पाकर सोने के 10 पेंडेल चोरी कर लिए और फिर जानबूझकर काम पर आना बंद कर दिया ताकि किसी को उस पर शक न हो। लेकिन उसकी चालाकी ज्यादा दिन तक नहीं चल सकी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से चोरी किए गए सभी 10 पेंडेल बरामद कर लिए हैं।