इटारसी के नाले मोहल्ले में युवक योगेश मेहरा की नृशंस हत्या के मामले में विशेष न्यायालय नर्मदापुरम ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार की अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही प्रत्येक पर अर्थदंड भी लगाया।
दोषी करार दिए गए आरोपियों में टीपू उर्फ सुल्तान, शुभम उर्फ शिब्बू, रहीम उर्फ पोटा और नईम उर्फ नईम खान शामिल हैं। अदालत ने माना कि चारों आरोपियों ने आपसी रंजिश के चलते एकजुट होकर योगेश मेहरा की चाकू और लात-घूंसों से बेरहमी से हत्या की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 15 दिसंबर 2023 की रात करीब 9:30 बजे योगेश मेहरा घर से टहलने निकला था। इसी दौरान चिश्तिया आटा चक्की के पास आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। चाकू से कई वार किए गए, जिससे योगेश गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में सामने आया कि घटना से कुछ दिन पहले योगेश का आरोपियों के परिवार से विवाद हुआ था और उसी रंजिश में हत्या को अंजाम दिया गया।
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फैसले के बाद जब आरोपियों को जेल ले जाया जा रहा था, तब उनके चेहरे पर सजा का कोई भय नजर नहीं आया। वे अपने परिजनों से यह कहते हुए सुने गए कि टेंशन मत लेना, दो-तीन साल में छूट जाएंगे।