कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को रविवार को रतलाम पहुंचने पर धाकड़ समाज के लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। महू-नीमच हाईवे के मांगरोल फंटे पर समाज के लोगों ने पटवारी को काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। मामला उस टिप्पणी से जुड़ा है, जिसे लेकर धाकड़ समाज नाराज़ है।
हाईवे पर काफिले को रोककर जताया विरोध
जानकारी के मुताबिक, जीतू पटवारी इंदौर से रतलाम आ रहे थे, जहां उन्हें जिला व शहर कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ जन समर्थन रैली में शामिल होना था। जैसे ही उनका काफिला मांगरोल फंटे पर पहुंचा, पहले से मौजूद धाकड़ समाज के लोगों ने काले झंडे लहराते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। समाज के लोगों ने पटवारी के खिलाफ नारे लगाए और उन्हें घेरने की कोशिश की।
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पटवारी खुद उतरे प्रदर्शनकारियों के बीच
विरोध को देखते हुए जीतू पटवारी ने अपना काफिला रुकवाया और कार से नीचे उतरकर सीधे प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने धाकड़ समाज के प्रतिनिधियों से बातचीत की और अपनी सफाई पेश की। पटवारी ने कहा कि उन्होंने धाकड़ समाज के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है। उनका निशाना केवल भाजपा नेताओं मनोहरलाल धाकड़ और देवीलाल धाकड़ पर था, जिनके खिलाफ उन्होंने टिप्पणी की थी।
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‘यदि समाज आहत हुआ है तो मैं क्षमा मांगता हूं’
पटवारी ने आगे कहा कि उनकी बात से यदि समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे खेद व्यक्त करते हैं और क्षमा मांगते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी समाज को ठेस पहुंचाने का नहीं था। चर्चा के बाद वे वापस अपनी कार में बैठे और रतलाम शहर में आयोजित कांग्रेस की रैली में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।