पुलिस द्वारा करीब 82 वर्षीय मीसा बंदी बसंत पुरोहित के प्लॉट पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी बुधवार दोपहर एसपी ऑफिस पहुंच गए। यहां वे एसपी कक्ष के बाहर जमीन पर धरने पर बैठ गए, जिससे कार्यालय में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसपी अमित कुमार बाहर आए और उन्हें अपने कक्ष में ले जाकर चर्चा की। इसके बाद थाना प्रभारी को तत्काल कार्यालय में बुलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कुछ ही देर बाद दीनदयाल नगर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया।
दरअसल, हिम्मत कोठारी ने अपने बचपन के मित्र और मीसा बंदी बसंत पुरोहित के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र स्थित भूखंड पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत थाना प्रभारी और एसपी से की थी, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर वे एसपी ऑफिस पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
धरने की जानकारी मिलते ही एसपी अमित कुमार तुरंत बाहर आए और कोठारी को अपने कक्ष में बुलाया। वहां कोठारी ने कहा कि शिकायत और दस्तावेज देने के बावजूद थाना प्रभारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इसके बाद एसपी ने तत्काल थाना प्रभारी को बुलाकर मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी अमित कुमार ने मीडिया से कहा कि पूर्व मंत्री की बात सुनी गई है और संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही थाना प्रभारी को नोटिस जारी किया जाएगा।
पढ़ें: शादी समारोह से दो नाबालिग बच्चियों का अपहरण, अगवा कर किया दुष्कर्म; एक आरोपी को किया गिरफ्तार
ऐसे तो अराजकता फैल जाएगी
मीडिया से चर्चा में हिम्मत कोठारी ने कहा कि उनके मित्र बसंत पुरोहित, जो उनके साथ 19 महीने जेल में रहे थे, उनके भूखंड पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। शिकायत के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि बसंत पुरोहित 82-83 वर्ष के हैं और इस घटना से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है।
कोठारी ने कहा कि संबंधित लोगों के पास भूखंड की कोई रजिस्ट्री नहीं है, फिर भी वे कब्जा जमाए बैठे हैं। पुलिस मामले को सिविल नेचर बताकर हस्तक्षेप से बच रही थी। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह लोग दूसरों के भूखंडों पर कब्जा करने लगेंगे तो अराजकता फैल जाएगी। पहले भी ऐसे मामलों में लोगों से कब्जा छोड़ने के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए हैं।
अनशन की अनुमति नहीं मिली तो पार्टी छोड़ दूंगा
हिम्मत कोठारी ने कहा कि जनप्रतिनिधि आम लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन हो गए हैं। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि वे पार्टी से अनुमति मांगेंगे और यदि अनुमति नहीं मिली तो पार्टी छोड़ने पर भी विचार करेंगे।
धरने के बाद दर्ज हुई एफआईआर
पूर्व गृह मंत्री के धरने पर बैठने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और बसंत पुरोहित की शिकायत पर आरोपी कमलेश टांक और राजेश टांक के खिलाफ बीएनएस की धारा 329(1) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। फरियादी शरद पुरोहित ने शिकायत में बताया कि प्लॉट क्रमांक 237 और 238 उनकी वैध संपत्ति हैं, जिनकी रजिस्ट्री और दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। आरोपियों द्वारा इन प्लॉटों पर अवैध कब्जा कर वाहन खड़े किए जा रहे थे तथा विरोध करने पर धमकी दी जा रही थी। एसपी अमित कुमार ने बताया कि मामले में थाना प्रभारी के खिलाफ प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है और अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
भूमि विवादों के लिए विशेष शिविर
भूमि संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए एसपी ऑफिस में आगामी सात दिनों तक विशेष शिविर लगाया जाएगा। जिले के सभी थाना क्षेत्रों से लोग अपने भूमि विवादों से संबंधित दस्तावेज लेकर एसपी ऑफिस पहुंच सकते हैं। शिकायतों की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई और मार्गदर्शन दिया जाएगा।