मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक पटवारी द्वारा आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आलोट तहसील के खजूरी सोलंकी हल्का में पदस्थ 33 वर्षीय पटवारी रविशंकर खराड़ी ने मंगलवार को अपने घर की तीसरी मंजिल पर फांसी लगाकर जान दे दी। पटवारी के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने अपनी ही तहसील की नायब तहसीलदार सविता राठौर पर प्रताड़ित करने और काम का नाजायज दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।
रिसेप्शन के अगले ही दिन पसरा मातम, भाई ने फंदे पर लटका देखा
जानकारी के अनुसार, रतलाम के एमपी नगर निवासी रविशंकर के छोटे भाई सिद्धार्थ का 20 अप्रैल को शादी का रिसेप्शन था। खुशियों भरे माहौल के बीच अगली ही दोपहर यानी 21 अप्रैल को करीब 3 बजे रविशंकर अपने कमरे में पंखे से बंधे फंदे पर लटके मिले। जब पत्नी रीना खराड़ी उन्हें उठाने ऊपर पहुंचीं, तो दरवाजा खोलते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने तुरंत उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मां केसर बाई का कहना है कि बेटा पहले भी कहता था कि 'मैडम' उसे परेशान कर रही हैं।
सुसाइड नोट में छलका दर्द: 'दबाव में भाई की शादी तक नहीं देख पाया'
पुलिस को पटवारी के कमरे से जो पत्र मिला है, उसमें नायब तहसीलदार सविता राठौर पर मानसिक शोषण के सीधे आरोप हैं। पत्र में लिखा है कि मैडम उन पर गलत तरीके से नक्शा और बंटाकन की रिपोर्ट बदलने का दबाव बनाती थीं। पटवारी ने लिखा कि दबाव इतना था कि वह अपने भाई की शादी तक में ध्यान नहीं दे पाए और परिचितों को पत्रिका भी नहीं बांट सके। सुसाइड नोट में यह भी जिक्र है कि नायब तहसीलदार ने उन्हें क्वार्टर पर बुलाकर धमकी दी थी कि वह 'भाई की शादी अच्छे से नहीं होने देंगी' और उन्हें बेवजह कारण बताओ नोटिस (SCN) जारी कर परेशान किया जा रहा था।
नायब तहसीलदार की सफाई: 'सारे आरोप झूठे, मैंने कभी दबाव नहीं बनाया'
मामला गरमाता देख नायब तहसीलदार सविता राठौर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर अपनी सफाई दी है। उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि रविशंकर एक समर्पित पटवारी था और उस पर काम का कोई अतिरिक्त दबाव नहीं था। उन्होंने बताया कि जिस बंटाकन का जिक्र पत्र में है, उसका आदेश डेढ़ महीने पहले ही हो चुका है। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि पटवारी ने शादी के लिए कभी छुट्टी का आवेदन नहीं दिया था और वह खुद हैरान हैं कि सुलझे हुए स्वभाव के रविशंकर ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम के बाद होगी आगे की कार्रवाई
सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मौके से मिले सुसाइड नोट सहित अन्य दस्तावेजों को जब्त कर जांच में लिया गया है। पटवारी संघ ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है, बड़ी संख्या में पटवारी साथी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। पुलिस अब सुसाइड नोट और नायब तहसीलदार के दावों की सच्चाई का पता लगाने के लिए कॉल रिकॉर्डिंग और विभागीय दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।