सागर जिले के ग्रामीण अंचल में बारिश के मौसम में अंतिम यात्रा निकालने से लेकर अंतिम संस्कार करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य बन जाता है। कई जगहों पर श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है, जबकि कुछ स्थानों पर मुक्तिधाम ही नहीं हैं। कई गांवों में मुक्तिधाम की जमीन पर कब्जा हो चुका है। ऐसा ही एक मामला सागर जिले के खुरई ब्लॉक के सिलारपुर सोसाइटी गांव से सामने आया है, जहां श्मशान घाट तो है, लेकिन कुछ दबंग लोगों ने श्मशान भूमि पर कब्जा कर रखा है। साथ ही यहां पहुंचने वाले रासते पर भी लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इससे अंतिम यात्रा के लिए ग्रामीणों को खेतों के कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।
अंतिम यात्रा खेतों में से होकर जाती है
सूत्रों के अनुसार, सिलारपुर सोसाइटी गांव के निवासी परमानंद अहिरवार की बीमारी से मृत्यु हो गई। उनके भाई सरवन अहिरवार ने बताया कि गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित श्मशान घाट बना हुआ है, लेकिन वहां पहुंचने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। श्मशान घाट के रास्ते पर लोग कब्जा किए हैं, ऐसे में खेत के कीचड़ भरे रास्ते में होकर निकलना पड़ता है।
साथ ही श्मशान घाट की ढ़ाई एकड़ भूमि पर कुछ लोग कई साल से अतिक्रमण कर लिया है, उस जमीन पर सोयाबीन की फसल उगाई है। जब भाई की अंतिम यात्रा लेकर गए तो शमशान घाट तक पहुंचने के लिए खेतों से होकर जाना पड़ा। साथ ही थोड़ी सी जगह में अंतिम संस्कार करना पड़ा। अगर, अर्थी की आग से फसल में आग लग जाए तो विवाद की स्थिति भी बनती है।श्मशान घाट की भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बारिश में टीन शेड की कमी
ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान घाट में टीन शेड की सुविधा नहीं है, जिसके चलते बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करना और भी कठिन हो जाता है। लोग अपनी निजी भूमि या खेतों में अंतिम संस्कार करते हैं। जिनके पास जगह नहीं है, उन्हें मुक्तिधाम की जगह पर खुले में अंतिम संस्कार करना पड़ता है। बारिश के कारण लोग टीन शेड या पॉलिथीन का उपयोग करते हैं।
अतिक्रमण हटाने की योजना
खुरई जनपद पंचायत की सीईओ मीना कश्यप ने बताया कि सिलारपुर सोसाइटी गांव के मुक्तिधाम की जमीन पर कब्जे की जानकारी मिली है। जल्द ही एसडीएम से चर्चा के बाद इस जमीन से कब्जा हटाया जाएगा और मुक्तिधाम में टीन शेड की व्यवस्था भी की जाएगी।
मुश्किल भरा अंतिम सफर...
अंतिम यात्रा - फोटो : credit