शहडोल जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र में एक बार फिर हाथी की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शनिवार देर शाम हाथी अनूपपुर सीमा से लौटकर केशवाही वन परिक्षेत्र के बेलिया क्षेत्र में पहुंच गया। हाथी की लगातार मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने एहतियात के तौर पर डोगरी टोला, बेलिया और आसपास के टोला क्षेत्रों के करीब 50 घर खाली करवा दिए। ग्रामीणों को रातभर डोगरी टोला स्कूल और आसपास के सुरक्षित मकानों में ठहराया गया। हाल ही में गिरवा गांव में हाथी ने एक किसान को कुचल दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से वन विभाग लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
गज रक्षक ऐप से भेजे जा रहे अलर्ट
वन विभाग ग्रामीणों को लगातार सतर्क करने के लिए गज रक्षक ऐप का इस्तेमाल कर रहा है। हाथी की लोकेशन अपडेट होते ही करीब 20 किलोमीटर पहले से लोगों के मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भेजे जा रहे हैं। वहीं पांच किलोमीटर के दायरे में पहुंचने पर फोन कॉल के जरिए भी ग्रामीणों को जानकारी दी जा रही है, ताकि लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें। रेंजर अंकुर तिवारी ने बताया कि हाथी की निगरानी के लिए तीन टीमों में करीब 20 कर्मचारियों को लगाया गया है। इनमें तीन रेंजर भी शामिल हैं। वन विभाग की टीम लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
रातभर उड़ता रहा ड्रोन कैमरा
वन विभाग ने शनिवार रात हाथी की लोकेशन ट्रैक करने के लिए ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया। ड्रोन के जरिए जंगल और आसपास के इलाकों की निगरानी की गई। जिस क्षेत्र में हाथी मौजूद था, वहां के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कुछ लोगों ने स्कूल में रात बिताई, जबकि कई ग्रामीण रिश्तेदारों के पक्के मकानों में जाकर रुके।
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बांधवगढ़ की रेस्क्यू टीम पहुंची
वन विभाग ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम भी केशवाही पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों द्वारा हाथी को कॉलर आईडी लगाने की तैयारी की जा रही है, ताकि उसकी सटीक लोकेशन ट्रैक की जा सके। विभाग का पहला प्रयास हाथी को उसके झुंड से मिलाने का है। यदि यह संभव नहीं हुआ तो उसे रेस्क्यू कर बांधवगढ़ ले जाने की कार्रवाई की जाएगी।