सीधी जिले के रामपुर नैकिन तहसील मुख्यालय में गुरुवार शाम उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब तहसील परिसर स्थित कोर्ट के अंदर ही एक अधिवक्ता के साथ मारपीट और गाली-गलौच का आरोप सामने आया। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया और तहसील परिसर में लगातार विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, जो शुक्रवार तक जारी रहा।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि सीधी जिले के ग्राम ममदर में पदस्थ पटवारी मृगेंद्र सिंह ने तहसील के कोर्ट परिसर में अधिवक्ता शिवाकांत उपाध्याय के साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट पर उतर आए। अधिवक्ता शिवाकांत उपाध्याय ने बताया कि वह अपने एक क्लाइंट की पैरवी के सिलसिले में तहसील पहुंचे थे, तभी उसी गांव के पटवारी मृगेंद्र सिंह ने बिना किसी कारण उनके साथ गाली-गलौच शुरू कर दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो पटवारी ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी।
सबसे गंभीर बात यह बताई जा रही है कि यह पूरा घटनाक्रम नायब तहसीलदार महेंद्र द्विवेदी की मौजूदगी में हुआ, लेकिन उन्होंने न तो पटवारी को रोका और न ही कोई समझाइश दी। अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार पर पटवारी को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिवक्ताओं का यह भी आरोप है कि नायब तहसीलदार के इशारे पर ही यह पूरा विवाद बढ़ा, हालांकि वे स्वयं पूरे घटनाक्रम के दौरान मौन बने रहे।
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यह घटना गुरुवार शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। इसके बाद से ही अधिवक्ता संघ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। शुक्रवार सुबह 11 बजे अधिवक्ताओं ने तहसीलदार रामपुर नैकिन आशीष मिश्रा को एक लिखित ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वहीं पूरे मामले पर तहसीलदार आशीष मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ताओं द्वारा उन्हें घटना की जानकारी दी गई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।