टीकमगढ़ की राजनीति में बीते दिन उस समय हलचल मच गई जब भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक कार्यकर्ता ने भाजपा के पूर्व विधायक पर मानसिक प्रताड़ना, झूठे मुकदमे दर्ज कराने और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए। देहात थाना क्षेत्र के हीरानगर निवासी अंकित पाराशर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि पूर्व विधायक राकेश गिरी गोस्वामी पिछले चार वर्षों से उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, रविवार को हीरानगर गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के प्रसारण के लिए भाजपा द्वारा एक आयोजन रखा गया था। कार्यक्रम में भाजपा के जिला प्रभारी एवं पूर्व विधायक पुष्पेंद्र नाथ उर्फ गुड्डन पाठक, भाजपा जिला अध्यक्ष सरोज राजपूत, जिला महामंत्री मनोज देवलिया, पूर्व विधायक राकेश गिरी गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।
अंकित पाराशर का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान उनका पूर्व विधायक राकेश गिरी से विवाद हो गया। उन्होंने दावा किया कि पूर्व विधायक उनके घर पहुंचे और वहां उनके साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। अंकित का कहना है कि उस समय भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और 40 से 50 ग्रामीण भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार राजनीतिक दबाव में रखा गया और उनके खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज कराए गए, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ा।
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सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में अंकित पाराशर ने आत्महत्या करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी पूर्व विधायक राकेश गिरी गोस्वामी की होगी। अंकित ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार पुलिस से शिकायत की, लेकिन राजनीतिक प्रभाव के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं, पूर्व विधायक राकेश गिरी गोस्वामी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अंकित पाराशर कांग्रेस समर्थक हैं और भाजपा के कार्यक्रम में व्यवधान डालने आए थे। दूसरी ओर भाजपा के जिला प्रभारी एवं संगठन से जुड़े नेता पुष्पेंद्र नाथ उर्फ गुड्डन पाठक ने बताया कि अंकित पाराशर के यहां चाय-नाश्ते का कार्यक्रम रखा गया था, जहां दोनों पक्षों के बीच बहस हुई थी। उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष सहित अन्य नेताओं ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। वीडियो सामने आने के बाद भाजपा संगठन में हलचल बढ़ गई है। पार्टी पदाधिकारी अंकित पाराशर से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी लेने और स्थिति को सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।