उज्जैन स्थित शिप्रा तट पर अवस्थित भगवान मंगलनाथ के विश्वप्रसिद्ध मंदिर में प्रतिदिन देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। प्रातःकाल आरती के बाद सुबह 7 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक निर्धारित समयावधि में भात पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बड़ी संख्या में यजमान मंदिर पहुंच रहे हैं।
दिनभर लगा रहा भक्तों का तांता
मंगलनाथ मंदिर के प्रशासक के.के. पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को प्रातः आरती के बाद से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दर्शनार्थियों के साथ-साथ भूमि प्राप्ति, धन लाभ, शीघ्र विवाह, यश प्राप्ति, मंगल दोष निवारण एवं रोग निवारण जैसे धार्मिक उद्देश्यों से बड़ी संख्या में यजमानों ने भात पूजन कराया। मंदिर में सभी पूजन कार्य विद्वान पंडितों और आचार्यों द्वारा विधि-विधानपूर्वक निर्धारित समय सीमा में संपन्न कराए गए। पूजन के लिए मंदिर प्रबंध समिति के कर्मचारियों द्वारा कंप्यूटरीकृत एवं मैन्युअल शासकीय रसीदें जारी की गईं।
मिला इतने का दान
प्रशासक ने बताया कि कलेक्टर रोशन सिंह के मार्गदर्शन, तथा अपर आयुक्त/अध्यक्ष एवं तहसीलदार-सह-सचिव मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति के निर्देशन में कुल 1900 शासकीय रसीदें काटी गईं। इनसे मंदिर समिति को कुल 4 लाख 10 हजार 900 रुपये की आय प्राप्त हुई।
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11 हजार रुपये का दान
इस दौरान उत्तराखंड से दर्शन एवं भात पूजन के लिए आए वरुण गोयल ने मंदिर समिति को 11,000 रुपये नकद दान स्वरूप प्रदान किए। दान राशि की विधिवत शासकीय रसीद मंदिर समिति द्वारा उन्हें उपलब्ध कराई गई।