उज्जैन के थाना चिमनगंज मंडी पुलिस व क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नकली भारतीय मुद्रा तस्करी गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने 17 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ दो आरोपियों को पांड्याखेड़ी ब्रिज के पास से गिरफ्तार किया है, जबकि एक मुख्य आरोपी फरार बताया गया है। कार्रवाई के साथ ही इंदौर स्थित एक फ्लैट में संचालित हो रही नकली नोट फैक्ट्री का भी भंडाफोड़ किया गया है।
पांच दिसंबर को चिमनगंज मंडी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक भारी मात्रा में नकली नोट लेकर उज्जैन में डिलीवरी के लिए आने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम गठित कर राजरायल कॉलोनी व पांड्याखेड़ी रेल पटरी क्षेत्र में चेकिंग शुरू की गई। चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपी में हिमांशु उर्फ चीनू गौसर पिता राजेश गोसर (26), दीपेश चौहान पिता अनोखीलाल चौहान (22) है। तलाशी में इनके कब्जे से भारी मात्रा में नकली 500 के नोट मिले, जिसमे हिमांशु से 500 के 22 बंडल, कुल 11 लाख तो वहीं दीपेश से 500 के 13 बंडल, कुल 6 लाख 50 हजार रुपये इस प्रकार 17 लाख 50 हजार के नकली नोट जब्त किए गए।
बरामद नोटों में सुरक्षा धागा, माइक्रो प्रिंट, ग्रीन इंक पैटर्न जैसे नकली सुरक्षा फीचर पाए गए। पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि वे इंदौर के श्री गंगा विहार कॉलोनी में अपने साथी राजेश पिता टेकचंद बरबटे (फरार) के साथ मिलकर नकली नोट छापते थे। उन्होंने बताया कि वे 10 लाख नकली नोट के बदले 1 लाख असली नोट का सौदा करते थे। आरोपी हिमांशु पहले भी इंदौर में नकली नोट मामले में जेल जा चुका है।
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पुलिस व क्राइम ब्रांच ने इंदौर स्थित फ्लैट पर दबिश देकर बरामद किए नोट प्रिंटिंग मशीन, हाई सिक्योरिटी प्रिंट पेपर,प्रिंटिंग केमिकल,सुरक्षा धागा,कटर मशीन,तैयार नकली नोट व अपूर्ण सीटें जब्त की है। थाना चिमनगंज मंडी पर अपराध क्रमांक 760/25 दर्ज किया गया है। धारा 178, 179, 180 बीएनएस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर फरार आरोपी व बड़े नेटवर्क की जांच जारी है।