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Bareilly: आजम खां के करीबी सपा नेता को राहत, ध्वस्तीकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
Video Published by: पंखुड़ी श्रीवास्तव Updated Fri, 05 Dec 2025 10:40 AM IST
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बरेली के सूफी टोला में सपा नेता सरफराज वली खान और राशिद खां के मैरिज हॉल पर चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई गुरुवार को अचानक रोक दी गई। सुबह 11:30 बजे बीडीए के दो बुलडोज़र ऐवान-ए-फरहत और गुड मैरिज हॉल पर तीसरे दिन कार्रवाई शुरू ही हुए थे कि तभी संयुक्त सचिव दीपक कुमार के फोन पर बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. का आदेश आया कि मशीनें मौके से वापस बुलाई जाएं। निर्देश मिलते ही अधिकारी और मशीनरी लौट गई। दो दिन की कार्रवाई में दोनों मैरिज हॉल का लगभग 30-30 प्रतिशत ढांचा गिराया जा चुका है।
उधर, सुप्रीम कोर्ट ने भी गुरुवार को इस कार्रवाई पर रोक लगा दी। सरफराज की ओर से अधिवक्ता वैभव माथुर ने बताया कि फरहत जहां एवं अन्य बनाम उप्र सरकार मामले में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएं। कोर्ट ने 10 दिसंबर तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए स्थिति यथावत रखने को कहा। आदेश सामने आते ही यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।
सरफराज के बेटे सैफ वली खान ने दावा किया कि मैरिज हॉल का निर्माण उस समय हुआ था जब न बीडीए अस्तित्व में था और न नक्शा पास कराने की व्यवस्था। उन्होंने बताया कि 2018 में बीडीए में मैरिज लॉन कंपाउंडिंग शुल्क जमा कराया गया था, जिसकी रसीद भी मौजूद है। फिर भी अचानक नोटिस देकर ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया। सरफराज ने कहा कि भवन की ईंटें 1942 और 1946 की हैं, यानी निर्माण आज़ादी से पहले का है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मौलाना तौकीर रज़ा खान से कोई ताल्लुक नहीं है और वह अब हाईकोर्ट में न्याय की मांग करेंगे।
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. का कहना है कि प्राधिकरण विधिसम्मत तरीके से कार्रवाई कर रहा था और हाईकोर्ट में प्राधिकरण अपना पक्ष तथ्यों के आधार पर रखेगा। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दो दिनों की ध्वस्तीकरण कार्रवाई से मुख्य मार्ग बंद होने के कारण आवाजाही बाधित रही। धूल-धक्कड़ के चलते घरों के अंदर तक धुआँ जैसा फैल गया था, जिससे आसपास के परिवार खासे परेशान थे।
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