विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं का बड़ा मेला लगा रहा। दूर-दूर से आए भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसी दौरान प्रसिद्ध कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय ने ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए। उनके बाद प्रसिद्ध गायक सुरेश वाडकर और गायिका इशिता विश्वकर्मा ने भी ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन लाभ लिए।
मंदिर समिति ने अतिथियों का किया सम्मान
महाकाल मंदिर पहुंचे इन अतिथियों का मंदिर प्रशासन की ओर से स्वागत और सत्कार किया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से इंजीनियर शिवाकांत पांडे ने पद्मश्री सुरेश वाडकर का स्वागत किया। वहीं मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया ने कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय का सम्मान किया।
'बाबा महाकाल केवल भारत के नहीं, पूरे विश्व के मध्य में हैं'
दर्शन के बाद कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय ने कहा, “नमः पार्वती पते, हर-हर महादेव। ऐसे हमारे श्री महाकाल प्रभु के श्री चरणों में आप सबकी ओर से प्रणाम। मैं तो अभी प्रणाम करके आया हूँ, लेकिन आप सबकी ओर से भी प्रणाम करता हूँ। हमारे द्वादश ज्योतिर्लिंगों के बिल्कुल मध्य में विराजमान श्री महाकाल प्रभु को बार-बार वंदन करता हूँ। वे केवल भारत के मध्य में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के मध्य में विराजमान हैं।”
उन्होंने कहा कि आज महाकाल के दर्शन कर उन्होंने पूरे विश्व की मंगल कामना की भावना से बाबा को प्रणाम किया। उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की और कहा कि इतनी भीड़ होने के बाद भी श्रद्धालुओं को प्रेम और सहजता से दर्शन हो रहे हैं। इंद्रेश उपाध्याय ने आगे कहा, “महाकाल प्रभु हमारे वृंदावन में गोपेश्वर बनकर विराजमान हैं। जब भी हम उन्हें देखते हैं तो गोपी भाव से देखते हैं। क्योंकि कृष्ण भक्ति और वृंदावन की भक्ति में प्रवेश अगर कोई करा सकता है तो वह महाकाल ही हैं। उन्हीं की कृपा से ब्रजवासियों और संतों को वृज की प्राप्ति हुई है।”
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उन्होंने कहा कि वे महाकाल प्रभु से प्रार्थना करते हैं कि उनके मन में कृष्ण भक्ति और बढ़े और बाबा महाकाल उन्हें बार-बार अपने दरबार में बुलाते रहें। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे उन्हें यहां आकर पुष्प और जल चढ़ाने का अवसर मिला, वैसे ही एक दिन महाकाल भगवान को कथा सुनाने का अवसर भी मिले। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, “सबको बार-बार जय श्री कृष्ण, जय महाकाल। नमः पार्वती पते, हर-हर महादेव।”
'तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन बाबा महाकाल ने बुला लिया'
वहीं प्रसिद्ध गायक सुरेश वाडकर ने महाकाल के दर्शन के बाद कहा, 'जय श्री महाकाल। बाबा जी के दर्शन करके मुझे बहुत आनंद मिल रहा है। इसके लिए मैं मंदिर के सभी विश्वस्त सदस्यों का आभार व्यक्त करता हूँ। आज हमें बाबा जी के दर्शन का सौभाग्य मिला।' उन्होंने बताया कि बीच में उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और उन्हें लग रहा था कि शायद वे इस बार उज्जैन नहीं आ पाएंगे। लेकिन बाबा महाकाल की कृपा से वे यहां आ सके।
सुरेश वाडकर ने कहा, 'थोड़ी तबीयत खराब थी, दिल घबरा रहा था। मन में आ रहा था कि शायद मैं नहीं आ पाऊंगा, लेकिन बाबा जी ने बुला ही लिया। इससे बड़ी बात मेरे लिए और क्या हो सकती है।' उन्होंने यह भी बताया कि करीब 20–25 साल पहले भी वे महाकाल मंदिर आए थे, जब वे लता जी के नाम से दिए जाने वाले सम्मान को लेने उज्जैन आए थे। उस समय उन्होंने भस्म आरती में भी भाग लिया था।
वाडकर ने कहा कि इस बार भी उन्हें बहुत अच्छे दर्शन हुए और वे खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं। अंत में उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि वे सभी को स्वस्थ रखें और सभी को सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा दें। उन्होंने कहा कि बस बाबा जी के चरणों में यही प्रार्थना है कि वे हमें और हमारे परिवार को स्वस्थ रखें और हमें हमेशा अपने चरणों में स्थान दें।