बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। महाकुंभ की जमीन को मौलाना द्वारा वफ्फ बोर्ड की जमीन बताने पर विवाद खड़ा हो गया है। हाल में ही महाकुंभ की जमीन को एक मौलाना ने वक्फ बोर्ड की जमीन बताया था, जिस पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पलटवार करते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है। इस मामले में मुस्लिम समाज के मौलवियों को फतवा जारी कर इस बयान की निंदा करनी चाहिए।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर महाराज पंडित धीरेंद्र शास्त्री सतना जिले में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी राय व्यक्त की। साथ ही महाकुंभ के जमीन को वफ्फ बोर्ड की जमीन बताने वाले मौलाना के बयान पर उन्होंने जमकर पलटवार किया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि ये सब धूर्त मूर्ख हैं। हम तो यही कहेंगे कि जिन भी साहब ने यह बयान दिया है, उन पर फतवा जारी होना चहिए। अगर अब भी फतवा जारी नहीं करते हैं तो इससे सिद्ध होगा कि आप देश मे दंगा चाहते हैं। वरना तुरंत इस्लाम धर्म के लोगों को इस ओर फतवा जारी करना चाहिए।
हिन्दुओं को कट्टर बनाना ही मकसद
धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि अगर संगम की भूमि को ही वफ्फ बोर्ड की भूमि बता देंगे। अगर कल को राम मंदिर सहित मन्दिरों की भूमि को ही वफ्फ बोर्ड की भूमि बता देंगे। धीरे-धीरे सनातन खत्म ही हो जाएगा। इसमें हिन्दुओं को सोचना चाहिए। हिन्दुओं के लिए बहुत विचार करने का विषय है।
हिन्दू का मतलब ही है उदार चरितांनाम, वसुधैव कुटुम्बकम
वहीं, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा कि सनातन हिन्दू का मतलब ही है उदार चरितांनाम वसुधैव कुटुम्बकम। अगर हम लोग अकबर बाबा की तरह तोड़फोड़ कर मंदिरों को स्थापित करेंगे तो वह आस्था या सनातन नहीं कहलाएगा, वह क्रूरता कहलाएगी। इस देश में कानून और सविंधान दोनों हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश पर जो भी मंदिर-मस्जिद बनाए गए, वहां कानून के तहत सर्वे कराया जा रहा है, जिस तरह से राम मंदिर की स्थापना हुई उसी प्रकार देश के प्रत्येक मंदिर जो विलुप्त हो गए, जिन्हें हिडेन कर दिया गया, वहां पुनः मन्दिरों की स्थापना होनी चाहिए।
'छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं'
उन्होंने अपने अलग अंदाज में आगे कहा कि हम लोगों की नीति दमन करने की नहीं है। हिन्दू का मतलब ही है सबको गले लगाना। उन्होंने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अब वह पुराना हिन्दू नहीं है 'अब छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं।'