नशे का कारोबार करने वालों के लिए अब सिर्फ जेल ही आखिरी मंजिल नहीं रही, बल्कि उनकी अवैध कमाई पर भी सीधा प्रहार शुरू हो गया है। विदिशा पुलिस ने नए कानून बीएनएसएस की धारा 107 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मिसाल पेश की है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार दो आरोपियों की 14 लाख रुपये की संपत्ति कोर्ट के आदेश पर कुर्क कर दी गई है। इसे मध्यप्रदेश में इस तरह की पहली बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस ने जीतू उर्फ महेश और ज्योति कुचबंदिया के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान उनके पास 14 लाख रुपये की संपत्ति का पता चला, जिसे पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार से अर्जित माना। इसके बाद पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत कार्रवाई शुरू की और पुख्ता सबूतों के साथ कोर्ट में आवेदन पेश किया। सुनवाई के दौरान आरोपियों को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया, लेकिन वे अपनी संपत्ति के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या आय का स्रोत प्रस्तुत नहीं कर सके।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने 14 लाख रुपये की पूरी संपत्ति को अपराध से अर्जित मानते हुए उसे कुर्क करने के आदेश दे दिए। अब यह राशि शासकीय खजाने में जमा की जाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने बताया कि बीएनएसएस की धारा 107 के तहत यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि आरोपियों द्वारा वैध दस्तावेज प्रस्तुत न करने के कारण कोर्ट ने संपत्ति को अवैध मानते हुए कुर्क करने का आदेश दिया।
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक आरोपी जेल तो जाते थे, लेकिन उनकी अवैध संपत्ति पर कार्रवाई लंबी और जटिल प्रक्रिया के कारण धीमी रहती थी। नए कानून के तहत अब पुलिस सीधे अपराध से अर्जित संपत्ति को चिन्हित कर उसे कुर्क करा सकती है। विदिशा पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में नशे के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अब उन्हें सिर्फ जेल ही नहीं, बल्कि अपनी काली कमाई खोने का भी डर सताने लगा है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी लगाम लगेगी।