अजमेर शहर की पहचान मानी जाने वाली ऐतिहासिक आनासागर झील में बढ़ते प्रदूषण, गंदगी और हाल ही में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के विरोध में गुरुवार को शहर जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर अजमेर बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही दरगाह बाजार, स्टेशन रोड, नला बाजार, मदार गेट, आगरा गेट, केसरगंज और दिल्ली गेट सहित शहर के प्रमुख बाजारों में अधिकांश दुकानें, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। व्यापारिक संगठनों और विभिन्न व्यापारी एसोसिएशनों के समर्थन से बंद सफल रहा।
बंद को सफल बनाने के लिए कांग्रेस ने शहर को अलग-अलग जोन में बांटकर कार्यकर्ताओं की टीमें तैनात की थीं। ये टीमें सुबह से बाजारों, प्रमुख चौराहों और व्यावसायिक क्षेत्रों में पहुंचकर व्यापारियों से स्वेच्छा से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील करती रहीं।
अजमेर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि आनासागर झील केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि अजमेर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान का प्रमुख केंद्र है। इसके बावजूद प्रशासन और सरकार की अनदेखी के कारण झील लगातार प्रदूषण की चपेट में है। गंदगी, सीवरेज के पानी की निकासी और जल गुणवत्ता में गिरावट से झील का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है। हाल ही में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत ने इस समस्या की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
पढ़ें: अब राजस्थान के बांसवाड़ा में बवाल, कलेक्ट्रेट में घुसने की कोशिश पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज
क्या आरोप लगाया गया?
उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद झील की सफाई और संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने मांग की कि झील की नियमित वैज्ञानिक सफाई, सीवरेज के पानी की रोकथाम, जल गुणवत्ता की सतत निगरानी और स्थायी संरक्षण योजना को तत्काल लागू किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अजमेर जिला पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर संवेदनशील इलाकों, प्रमुख बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार शहर का दौरा कर स्थिति की निगरानी करते रहे। जगह-जगह पुलिस गश्त के कारण बंद के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई और पूरे शहर में शांति बनी रही।
आनासागर झील के संरक्षण की मांग को लेकर हुए इस बंद ने एक बार फिर अजमेर की सबसे बड़ी पर्यावरणीय समस्याओं में से एक को केंद्र में ला दिया है। कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक धरोहर और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है। अब सभी की निगाहें सरकार और प्रशासन पर हैं कि वे झील की सफाई और संरक्षण को लेकर क्या ठोस कदम उठाते हैं।