राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने मंगलवार को जिला परिषद सभागार में रसद विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को 'गिव अप अभियान' को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। मंत्री गोदारा ने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम उपभोक्ताओं को योजना का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके।
मंत्री ने जानकारी दी कि पूरे प्रदेश में अब तक 22 लाख 4 हजार 315 उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ सराहनीय पहल की है। अकेले अलवर जिले में 63 हजार 434 उपभोक्ताओं ने 'गिव अप अभियान' के तहत योजना छोड़ी है। साथ ही जिले में 1 लाख 37 हजार 381 नए पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार चुनावी वादों के अनुरूप हर पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने रिक्त राशन दुकानों पर शीघ्र भर्ती की घोषणा करते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
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मंत्री गोदारा ने चेतावनी दी कि जो उपभोक्ता आर्थिक रूप से सक्षम होते हुए भी योजना का अनुचित लाभ उठा रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में करीब 27 हजार राशन दुकानों से खाद्य सामग्री का वितरण किया जाएगा, जिसमें पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
बैठक में जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला, रामगढ़ विधायक जसवंत सिंह, कठूमर विधायक रमेश खींची और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की मौजूदा स्थिति, शिकायत निवारण, पारदर्शी वितरण और उपभोक्ता अधिकारों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
मंत्री ने कहा कि यह समीक्षा बैठक सरकार की योजनाओं को ज़मीन पर प्रभावी ढंग से उतारने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि योजना का लाभ केवल उन्हीं को मिले जो वाकई में इसके हकदार हैं। गिव अप अभियान से जो भागीदारी देखने को मिली है, वह प्रेरणादायक है।