राजस्थान के बारां शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से ही आसमान में तेज गड़गड़ाहट के साथ बादल छाए रहे और सर्द हवाओं के बीच मावठ का दौर शुरू हो गया। दिनभर रुक-रुक कर कभी हल्की तो कभी तेज बारिश होती रही, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
पिछले कुछ दिनों से तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास होने लगा था, लेकिन बेमौसम बारिश के बाद ठंड ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया। सर्द हवाओं और गलन ने लोगों को कंपकंपा दिया। शहर में जगह-जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से बचते नजर आए, जबकि ग्रामीण इलाकों में लोग रजाई-कंबल ओढ़कर घरों में दुबके रहे। मार्च की दहलीज पर मौसम ने फिर से पौष माह जैसी ठंड का अहसास करा दिया।
पढे़ं: एनएच-48 पर केमिकल टैंकर से ट्रेलर की भीषण भिड़ंत, रिसाव से दहशत; घंटों जाम; दमकल की टीमें पहुंचीं
जिले के शाहाबाद क्षेत्र में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुंजेड़ में ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर तेज हवा के कारण गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है।
किसानों का कहना है कि यदि बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहा तो गेहूं, धनिया और सरसों की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। तेज हवा से फसलें गिरने पर पैदावार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होने की आशंका है। बेमौसम मावठ और शीतलहर ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।