आज भारत बंद के आह्वान पर औद्योगिक नगरी भीलवाड़ा में जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति आरक्षण में क्रीमीलेयर से संबंधित दिए गए फैसले के विरोध में विभिन्न दलित संगठनों और राजनीतिक पार्टियों, बसपा, भीम आर्मी और कांग्रेस ने इस बंद का समर्थन किया है। इसके चलते भीलवाड़ा में स्कूल, कॉलेज, दुकानों और बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमीलेयर लागू करने का फैसला सुनाते हुए कहा कि सभी एससी और एसटी जातियों को एक समान नहीं माना जा सकता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ जातियां बहुत ही दयनीय स्थिति में हैं, जैसे कि सीवर सफाई करने वाले और बुनकर समुदाय। ऐसे समुदायों के उत्थान के लिए राज्य सरकारों को आरक्षण का वर्गीकरण करने की अनुमति दी गई है, जिससे इन्हें एक अलग कोटा दिया जा सके। कोर्ट ने कहा कि यह संविधान के आर्टिकल-341 का उल्लंघन नहीं करता। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का भीलवाड़ा में गहरा असर देखने को मिला। सुबह से ही शहर के बाजारों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में ताले लटके रहे। बंद के समर्थन में भीलवाड़ा के सभी प्रमुख बाजार बंद रहे, जिससे पूरे शहर में सन्नाटा पसरा हुआ था। सामान्यत भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला।