भीलवाड़ा नगर निगम की अंतिम बोर्ड बैठक मंगलवार को हंगामे और धक्का-मुक्की के बीच संपन्न हुई। करीब एक घंटे तक चली बैठक में कचरा संग्रहण शुल्क, निगम कर्मचारियों के नियमितीकरण और सामुदायिक भवनों के नामकरण जैसे मुद्दों पर पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई। स्थिति को संभालने के लिए होमगार्ड के जवानों को बीच-बचाव करना पड़ा। इसके बावजूद बैठक कार्यवाही जारी रही और एजेंडे के अनुसार निर्णय लिए गए।
ध्वनि मत से पारित हुआ बजट
बैठक में महापौर राकेश पाठक ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 421.84 करोड़ रुपये का बजट सदन में प्रस्तुत किया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। बजट पर चर्चा के दौरान घरों और भूखंडों से कचरा उठाने पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर कई पार्षदों ने आपत्ति जताई। कुछ सदस्यों ने इसे आमजन पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए विरोध किया। इस पर महापौर ने स्पष्ट किया कि शुल्क भूखंड के आकार के अनुसार न्यूनतम 20 रुपये और अधिकतम 80 रुपये रहेगा, और कोई भी सेवा पूरी तरह मुफ्त नहीं दी जा सकती।
'किसी के साथ अन्याय नहीं होगा'
निगम कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी सदन में प्रमुखता से उठा। पार्षदों ने हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए प्रक्रिया पर सवाल किए। महापौर ने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट और राज्य सरकार के सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।
इन मुद्दों को लेकर भिड़े पार्षद
बैठक के दौरान सबसे अधिक विवाद सामुदायिक भवनों के नामकरण और उनके शुल्क को लेकर हुआ। पार्षदों ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए पूर्व सांसदों और विधायकों के नाम भी शामिल करने की मांग रखी। कुछ समय तक सदन का माहौल तनावपूर्ण रहा और आपसी आरोप-प्रत्यारोप के बीच धक्का-मुक्की तक की स्थिति बन गई। बाद में महापौर द्वारा मांगें स्वीकार किए जाने पर मामला शांत हुआ और नामकरण से जुड़े प्रस्ताव पारित कर दिए गए।
महापौर ने पेश किया बजट
महापौर पाठक ने बजट का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए कुल प्रस्तावित आय 421.84 करोड़ रुपये रखी गई है, जिसमें 70.51 करोड़ रुपये प्रारंभिक शेष शामिल हैं। प्रस्तावित व्यय 356.16 करोड़ रुपये और अंतिम शेष 65.68 करोड़ रुपये दर्शाया गया है। उन्होंने दावा किया कि निगम की आय बढ़ाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। वर्तमान कार्यकाल में नगरीय विकास कर से 10.99 करोड़ रुपये का संग्रहण हुआ, जबकि पिछले दस वर्षों में यह आंकड़ा 10.23 करोड़ रुपये रहा। नगर विकास न्यास से 15 प्रतिशत हिस्से के रूप में 13.92 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पूर्व वर्षों की तुलना में अधिक हैं। इसके अलावा भूखंडों की नीलामी से चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 24 करोड़ रुपये की आय हुई है।
इनका रखा गया प्रस्ताव
बजट में शहर के बुनियादी ढांचे और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। गांधी सागर तालाब के लिए बॉक्स कलवर्ट नाले का निर्माण मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सांगानेर तालाब के विकास के लिए 3.26 करोड़ रुपये का कार्यादेश जारी किया गया। डीएमएफटी फंड से सफाई व्यवस्था के लिए 26.04 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इसके तहत रोड स्वीपर मशीन, डंपर और मिनी ट्रैक्टर खरीदने का प्रस्ताव रखा गया है। सामुदायिक भवनों और सीवरेज से जुड़े कार्यों पर भी चर्चा हुई।
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इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी
बैठक में कोरोना वारियर्स नर्सेज और संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के नाम पर सर्किल निर्माण के प्रस्ताव पारित किए गए। शहर के 11 सामुदायिक भवनों के नाम पूर्व अध्यक्षों, सभापतियों और विधायकों के नाम पर रखने तथा सांगानेर तालाब का नाम राणा सांगा के नाम पर रखने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। इसके अलावा महाराणा कुंभ द्वार, महाराणा कुंभा मार्ग, महायोगी गुरु गोरखनाथ द्वार, श्रीराम मार्ग और शनिदेव मार्ग के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में अंतरराष्ट्रीय रेसलर अश्विनी कुमार विश्नोई, अनुज कुमार विश्नोई और अंतरराष्ट्रीय भांड कलाकार पद्मश्री जानकीलाल को रियायती दर पर भूखंड आवंटित करने के प्रस्ताव भी पारित किए गए। बैठक के दौरान सांसद दामोदर अग्रवाल, विधायक अशोक कोठारी, उप महापौर रामनाथ योगी, नेता प्रतिपक्ष धर्मेंद्र पारीक और आयुक्त हेमाराम चौधरी मौजूद रहे।