हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र के राठीखेड़ा गांव में प्रस्तावित ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। बुधवार को संगरिया की नई अनाज मंडी में आयोजित महापंचायत में हजारों किसान जुटे। हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के अलावा पड़ोसी राज्यों पंजाब व हरियाणा से भी बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसान नेता जोगिंदर सिंह उग्राहां के नेतृत्व में जत्था पहुंचा, जहां हाथों में संघर्ष समिति के झंडे और सिर पर पीली पगड़ियां बांधे किसान नजर आए।
इलाके में इंटरनेट कर दिया गया था बंद
महापंचायत से पहले किसानों ने संगरिया नगर परिषद कार्यालय में बने किसान स्मारक पर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान 'लाल सलाम' और 'जब तक सूरज-चांद रहेगा, शहीद किसानों का नाम रहेगा' जैसे नारे गूंजते रहे। प्रशासन ने एहतियातन इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं और धारा 163 लागू की। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, लेकिन आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। किसानों की मुख्य मांगें रही एथेनॉल फैक्ट्री का एमओयू रद्द करना और पिछले आंदोलनों में दर्ज मुकदमे वापस लेना। महापंचायत में अगली रणनीति पर चर्चा के बाद 11 फरवरी को टिब्बी के तलवाड़ा गांव में फिर महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया गया।
उग्राहां बोले- सरकार पर भरोसा मत करो, लड़ाई जारी रखें
किसान नेता जोगिंदर सिंह उग्राहां ने संबोधित करते हुए कहा कि सरकार पर भरोसा न करें, किसान अपनी लड़ाई जारी रखें। उन्होंने नए बिजली नियमों का विरोध किया और कहा कि इससे सब्सिडी खत्म करने की साजिश हो रही है। किसानों को एमएसपी का पैसा नहीं मिल रहा, जबकि कॉर्पोरेट का कर्ज माफ किया जा रहा है।
मंगेज चौधरी ने कहा- सब्र का बांध टूटेगा, मुद्दा घर-घर पहुंचेगा
किसान नेता मंगेज चौधरी ने कहा कि इस बार प्रशासन ने ट्रैक्टर आने से नहीं रोका। हमारी सिर्फ दो मांगें हैं- फैक्ट्री का एमओयू रद्द हो और आंदोलन के मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने टिब्बी घटनाक्रम के लिए कलेक्टर और राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। चेतावनी दी कि किसान शांत हैं, लेकिन सब्र का बांध टूटेगा। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो हर जगह आंदोलन होगा और एथेनॉल फैक्ट्री का मुद्दा घर-घर पहुंचेगा।
महंगा सिंह सिद्धू ने कहा- हिरासत में जलील किया जाता है
महंगा सिंह सिद्धू ने कहा कि प्रशासन हिरासत में लेकर किसानों को शर्मिंदा करने की कोशिश करता है। उन्हें पता है कि पिटाई और मुकदमों से किसान नहीं डरते। उन्होंने 18 नवंबर 2025 की अपनी गिरफ्तारी का जिक्र किया, जब रात में धरनास्थल से आंदोलनकारियों को उठाया गया था। बोले- हम प्रशासन से नहीं डरेंगे और खिलाफ बोलते रहेंगे।
इंटरनेट सेवाएं 30 घंटे के लिए बंद
प्रशासन ने अनहोनी की आशंका से संगरिया तहसील और 10 किलोमीटर दायरे में मंगलवार शाम 6 बजे से 30 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। यह प्रतिबंध 7 जनवरी रात 11:59 बजे तक रहा। अतिरिक्त संभागीय आयुक्त बीकानेर ने जिला कलेक्टर के प्रस्ताव पर आदेश जारी किए। शांति भंग और अफवाहों की आशंका जताई गई।
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डेढ़ साल से चल रहा आंदोलन
यह आंदोलन पिछले डेढ़ साल से चल रहा है, जहां किसान फैक्ट्री से पर्यावरण और भूजल प्रदूषण की आशंका जता रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े हैं।