राजस्थान की राजधानी जयपुर में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उपनगरीय खातीपुरा रेलवे स्टेशन को पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर मेगा टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे शहर में रेल संचालन का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
मेगा टर्मिनल बनने की तैयारी
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की हैंडलिंग क्षमता बढ़ाना और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक रेलवे सुविधाओं का विकास करना है। खातीपुरा स्टेशन पर अतिरिक्त स्टेबलिंग लाइनें बनाई जा रही हैं, ताकि ट्रेनों को परिचालन के बाद सुरक्षित रूप से खड़ा किया जा सके। इसके साथ ही यह स्टेशन सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित होगा, जिससे नए रेल मार्गों, खासकर दिल्ली कॉरिडोर और लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी।
205 करोड़ का कोच केयर कॉम्प्लेक्स
स्टेशन पर लगभग 205 करोड़ रुपये की लागत से कोच केयर कॉम्प्लेक्स तैयार किया जा रहा है। इस कॉम्प्लेक्स में वंदे भारत, एलएचबी और डीएमयू जैसी विभिन्न प्रकार की ट्रेनों के रखरखाव के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट, कंप्यूटराइज्ड व्हील प्रोफाइल मैनेजमेंट सिस्टम, इलेक्ट्रिकली ऑपरेटेड लिफ्टिंग जैक, कोच लिफ्टिंग यूनिट और वाटर रीसाइक्लिंग प्लांट जैसी तकनीकों को शामिल किया जा रहा है। इससे ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए कोचों को अन्य स्थानों पर भेजने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
खातीपुरा स्टेशन पर वर्तमान में 6 हाई-लेवल प्लेटफॉर्म और 8 लाइनें उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में सुविधा मिलती है। इसके अलावा, धुलाई, निरीक्षण, रिपेयर और शंटिंग कार्यों के लिए अलग-अलग लाइनें विकसित की जा रही हैं। व्हील लेथ शेड, चार्जिंग सुविधाएं, प्रशासनिक भवन और यार्ड मास्टर कार्यालय भी निर्माणाधीन हैं।
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जयपुर जंक्शन का बनेगा विकल्प
इस परियोजना के पूरा होने के बाद खातीपुरा स्टेशन, जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन का एक प्रभावी विकल्प बनकर उभरेगा। इससे न केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भी अधिक सुविधाजनक और आधुनिक रेल सेवाएं उपलब्ध होंगी।