कोटा जिले में एक पुलिस कर्मी ने दबंगई का वीडियो सामने आया। पुलिस अधिकारी ने एक दुकानदार को बीच रोड पर पीटना शुरू कर दिया। इतनी पिटाई कर दी कि युवक बेहोश हो गया। इसका एक सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लग गए हैं। वहीं एक तरफ पुलिस जांच की बात कह रही तो दूसरी तरफ पीड़ित दुकानदार ने पुलिस अधिकारी की शिकायत मानवाधिकार आयोग और लोकायुक्त को की है। इसके साथ ही दुकानदार ने कैथूनीपोल थानाधिकारी पुष्पेंद्र बंशीवाल के खिलाफ कोर्ट के जरिए भी परिवाद दायर किया है।
मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी DSP राजेश टेलर ने बताया कि मामले की जानकारी सामने आने के बाद कैथूनीपोल थाने के थानाधिकारी का बयान लिया गया है। सीआई ने अपने बयान में बताया है कि जिस दिन की ये घटना बताई जा रही है, उस दिन इलाके में महाराणा प्रताप जयंती पर रैली निकाली जा रही थी। रास्ता काफी संकरा था। रास्ते में फेब्रिकेशन की दुकान लगाने वाले ने सड़क पर सामान फैला रखा था। कई बार वहां से सामान हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन उसे सामान को नहीं हटाया। दुकानदार उल्टा बदतमीजी करने लगा। जांच में ये भी सामने आया कि दुकानदार ने रैली को दूसरे रास्ते से निकालने की बात कही थी। युवक ने बयान में अपनी किसी पुरानी बीमारी में बारे में बताया है। संभवत वह उस कारण बेहोश होकर गिरा होगा।
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इधर, दुकानदार रिजवान का कहना है कि उसकी दुकान के बाहर किसी दूसरे व्यक्ति की बाइक खड़ी थी और बाइक में लॉक लगा हुआ था। वो दुकान के बाहर से गाड़ी को नहीं हटा पाया। इस बात से थानाधिकारी पुष्पेन्द्र बंशीवाल नाराज हो गए और बीच बाजार में ही धक्के और थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। रिजवान ने बताया कि मारपीट की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और लोकायुक्त को भी दी गई है और उसको पूरा भरोसा है कि उसके साथ न्याय होगा।