बानसूर के हरसौरा थाना क्षेत्र के ग्राम गुवाड़ा में दलित परिवार पर हुए जानलेवा हमले ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे परिवार दहशत में है।
घर में घुसकर हमला, युवक गंभीर घायल
पीड़ित परिवार के अनुसार, 31 दिसंबर की रात करीब 9:30 बजे गांव के ही कुछ लोग हथियारों से लैस होकर उनके घर में घुस आए। लाठी, सरिए, चाकू और कट्टे से किए गए हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में 19 टांके आए हैं और बायां हाथ फैक्चर हो गया। हालत गंभीर होने पर उसे बानसूर से अलवर रेफर किया गया।
बाइक तोड़ने और नकदी लूट का आरोप
पीड़ित के भाई मंजीत ने बताया कि हमलावरों ने न सिर्फ जानलेवा हमला किया, बल्कि घर के बाहर खड़ी बाइक तोड़ दी और जेब से 15 हजार रुपये भी लूट लिए। शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
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112 पर कॉल के बाद पहुंची पुलिस-एम्बुलेंस
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने 112 पर कॉल किया, जिस पर पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज कराने जब वे हरसौरा थाने पहुंचे तो थानेदार ने उन्हें धमकाकर भगा दिया। चार दिन बीतने के बावजूद मामला दर्ज नहीं हुआ, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।
पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।