नागौर पुलिस ने एमडीएमए बनाने वाली कथित फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर 5.418 किलो एमडीएमए, 2.744 किलो कैफीन और बड़ी मात्रा में केमिकल व उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक है। मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर नौकरी छोड़कर नशे के कारोबार में कदम रखा था। जांच में चार सहयोगियों की भूमिका भी सामने आई है।
5.418 किलो MDMA और करोड़ों के केमिकल बरामद
पुलिस की कार्रवाई में 5.418 किलोग्राम एमडीएमए, एमडीएमए बनाने में इस्तेमाल होने वाला 2.744 किलोग्राम कैफीन, 24 तरह के केमिकल और करीब 210 लीटर केमिकल बरामद हुआ है। पुलिस ने बरामद MDMA और अन्य सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई है।
नौकरी छोड़ी और नशे के कारोबार में उतर गया
पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी 28 वर्षीय महावीर पुत्र हनुमान, जाति जाट, निवासी लक्ष्मणपुरा, थाना कुचेरा, हाल दीप कॉलोनी, नागौर है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के दौरान एमडीएमए बनाने की कोशिश शुरू की थी, लेकिन शुरुआती प्रयास सफल नहीं हुए। इसके बाद उसने ऑनलाइन माध्यम से इससे जुड़ी जानकारी और सामग्री जुटाकर निर्माण की तकनीक समझी।
पुलिस के मुताबिक, फरवरी 2026 में आरोपी ने कथित तौर पर नौकरी छोड़कर एमडीएमए बनाने का काम शुरू किया। इसके बाद नागौर में किराए के मकान को ही नशे की कथित फैक्ट्री में बदल दिया गया।
किराए का मकान बना कथित ‘नशे का कारखाना’
जोधपुर रोड, नागौर स्थित मकान में एमडीएमए बनाने के लिए मशीनरी और उपकरण लगाए गए थे। पुलिस ने मौके से मिक्सिंग मशीन, थर्मामीटर, मैग्नेटिक स्टेयरर, पीएच मीटर, बीकर, कांच के जार, प्लास्टिक की कड़ाइयां और एमडीएमए सुखाने के लिए बड़ी प्लेटें समेत कई उपकरण बरामद किए। पुलिस के अनुसार, मौके पर मिला सेटअप इस बात की ओर इशारा करता है कि वहां नशा तैयार करने के लिए व्यापक तैयारी की गई थी।
पहले 20 करोड़, फिर 100 करोड़ की बरामदगी
मामले की शुरुआत 10 अगस्त 2026 को हुई। DST टीम की सूचना पर दीप कॉलोनी, नागौर में कार्रवाई कर एमडीएमए बनाने की सामग्री के साथ आरोपी महावीर को गिरफ्तार किया गया था। उस कार्रवाई में करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की सामग्री बरामद होने की बात सामने आई थी।
पूछताछ और तकनीकी जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को जोधपुर रोड स्थित मकान में कथित दूसरी फैक्ट्री की जानकारी मिली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वहां दबिश दी और 100 करोड़ रुपये से अधिक अंतरराष्ट्रीय मूल्य की एमडीएमए और निर्माण सामग्री बरामद करने का दावा किया।
10-12 सिम और संभावित इंटरनेशनल कनेक्शन की जांच
पुलिस जांच में आरोपी के पास करीब 10 से 12 मोबाइल सिम होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब उसके मोबाइल संपर्कों और विदेश से जुड़े संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी एक ही सिम का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करता था और करीब 10 दिन के अंतराल में सिम बदलने की बात सामने आई है।
चार सहयोगियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस ने मुख्य आरोपी से जुड़े चार सहयोगियों की भूमिका सामने आने की बात कही है। इनसे पूछताछ के जरिए कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सामग्री और तकनीकी जानकारी का स्रोत क्या था तथा तैयार एमडीएमए की सप्लाई किन लोगों तक पहुंचाई जाती थी।
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‘ऑपरेशन नशा मुक्त नागौर’ के तहत दूसरी बड़ी कार्रवाई
नागौर पुलिस के ‘ऑपरेशन नशा मुक्त नागौर’ के तहत एक सप्ताह में एमडीएमए बनाने वाली दूसरी बड़ी फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। कार्रवाई में नशीले पदार्थ के साथ उसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला तकनीकी सेटअप भी बरामद किया गया है।
अब पुलिस के सामने इस कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने लाने की चुनौती है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नशे के इस कारोबार में कौन-कौन लोग जुड़े हैं, इसका वित्तीय नेटवर्क कितना बड़ा है और तैयार एमडीएमए की सप्लाई कहां तक होती थी। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।