सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में आज शीतला अष्टमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर महिलाओं ने शीतला माता मंदिरों में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्रद्धालु महिलाओं ने शीतला माता को ठंडे पकवानों का भोग लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दिन घरों में भी परंपरा के अनुसार लोगों ने ठंडे व्यंजनों का ही सेवन किया।
सुबह तड़के से मंदिरों में शुरू हो गया था महिलाओं का आना
सवाई माधोपुर नगर परिषद क्षेत्र के पुराने शहर, बजरिया, हाउसिंग बोर्ड और आलनपुर सहित विभिन्न कॉलोनियों और मोहल्लों में महिलाओं ने शीतला माता की पूजा-अर्चना की। शहर के सभी शीतला माता मंदिरों में अल सुबह तीन से चार बजे के बीच ही महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया था। महिलाएं हाथों में पूजा की थालियां लेकर और रंग-बिरंगे परिधानों में सजी-धजी समूह के रूप में मंगल गीत गाते हुए मंदिरों की ओर जाती नजर आईं।
खण्डार बस स्टेंड स्थित मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
पुराने शहर के खण्डार बस स्टेंड स्थित शीतला माता मंदिर परिसर में सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। हजारों की संख्या में महिलाएं यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं। महिलाओं ने समूह के रूप में शीतला माता की आराधना की और उन्हें ठंडे पकवानों का भोग अर्पित किया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी।
पढ़ें- Rajasthan News: जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर में भावुक हुईं बिहार की विधायक, क्या बोलीं मैथिली ठाकुर?
एक दिन पहले ही बनाए गए थे ठंडे पकवान
शीतला अष्टमी की परंपरा के अनुसार महिलाओं ने अपने घरों में एक दिन पहले यानी शाम को ही विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार कर लिए थे। आज सुबह मंदिर पहुंचकर इन्हीं ठंडे व्यंजनों और पकवानों का शीतला माता को भोग लगाया गया। पूजा के दौरान महिलाओं ने शीतला माता से जुड़े धार्मिक प्रसंग और कथाएं भी सुनीं।
मंदिर परिसर से बाहर तक नजर आई श्रद्धालुओं की कतारें
मंदिर परिसर से लेकर सीढ़ियों और बाहर तक हर ओर महिलाओं के समूह दिखाई दे रहे थे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण कई महिलाओं को दर्शन के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। लंबे इंतजार के बाद महिलाओं ने शीतला माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना की।