सीकर जिले के धोद कस्बे और आसपास के गांवों में भीषण गर्मी के बीच जारी पानी की समस्या ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले तीन महीनों से जलापूर्ति की अनियमितता से त्रस्त ग्रामीणों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। पानी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और कुछ लोग तो पानी की टंकी पर चढ़ गए। काफी समझाइश के बाद ही ग्रामीण नीचे उतरे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद जलदाय विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। गर्मी में 44 डिग्री तक पहुंचते तापमान के बीच पानी की सप्लाई ठप होने से हालात गंभीर हो गए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक विभाग का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं आएगा और समस्या का समाधान नहीं करेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पढ़ें: एसडीएम एवं कार्यवाहक नगर परिषद आयुक्त ने किया शहर का दौरा, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
धोद विधानसभा क्षेत्र के लोसल कस्बे में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। यहां के वार्ड नं. 8 हरिजन बस्ती में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलदाय विभाग दो दिन छोड़कर एक दिन पानी सप्लाई करता है, जिससे लोगों को पीने का पानी भी मयस्सर नहीं हो रहा। इस कारण बस्ती में आए दिन झगड़े हो रहे हैं।
लोसल के निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि जब विभाग का कार्यभार रामदयाल बगड़िया के पास था, तब जलापूर्ति में कोई खास समस्या नहीं थी, लेकिन एईएन चत्तर सिंह के आने के बाद से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। कई बार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बावजूद विभाग पर कोई असर नहीं पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब जागेगी सरकार और कब मिलेगी पानी की समस्या से राहत?