पिंडवाड़ा। जणवा चौधरी, समाज विकास सेवा समिति, आबू परगना की आमसभा भीमाणा स्थित पाटलेश्वर महादेव मंदिर में और क्षत्रिय घांची समाज, तरोट परगना की आमसभा वाटेरा में आयोजित हुई। दोनों समाजों ने प्रस्तावित पिंडवाड़ा खनन परियोजना को निरस्त करवाने के लिए प्रस्तावित महाआंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया।
आमसभा में खनन को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
जणवा चौधरी और समाज विकास सेवा समिति की आमसभा में पिंडवाड़ा उपखंड के ग्राम पंचायतों वाटेरा, भीमाणा, भारजा और रोहिड़ा सहित लगभग एक दर्जन गांवों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि ग्रामीण पिछले तीन महीनों से शांतिपूर्ण तरीके से खनन परियोजना के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान प्रशासन और सरकार को कई ज्ञापन सौंपे गए, धरना-प्रदर्शन और जन आंदोलन भी किए गए, लेकिन परियोजना अभी तक निरस्त नहीं की गई। इसके चलते क्षेत्रवासियों में रोष और निराशा दोनों बढ़ती जा रही हैं।
जल-जमीन और पर्यावरण पर संकट की आशंका
बैठक में सर्वसम्मति से कहा गया कि प्रस्तावित खनन परियोजना से क्षेत्र की जलस्रोतों, कृषि भूमि, पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना था कि खनन से भूमिगत जल स्तर गिर सकता है, खेती प्रभावित होगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट उत्पन्न होगा। समाज के वरिष्ठजनों ने इसे क्षेत्र के अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा बताते हुए एकजुट संघर्ष की आवश्यकता पर जोर दिया।
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28 जनवरी को होगा महाआंदोलन
बैठक में जानकारी दी गई कि खनन परियोजना के विरोध में सर्व समाज 36 कौम द्वारा 28 जनवरी 2026 को सरगामाता मंदिर के पास विशाल जन आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में प्रभावित गांवों के ग्रामीण, सामाजिक संगठन और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में भाग लेंगे।