टोंक पुलिस की डीएसटी टीम ने ऑपरेशन हंटर के तहत साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से दो पावर बाइकों के साथ कई फर्जी दस्तावेज और मोबाइल जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया कि इन आरोपियों ने 90 लाख रुपए से अधिक की ठगी की है।
फर्जी सिम और साइबर फ्रॉड की चाल
पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल पर फर्जी लिंक भेजकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। आरोपियों के पास 100 से अधिक फर्जी सिम पाए गए, जिनका इस्तेमाल अलग-अलग नाम से कर साइबर फ्रॉड किया जाता था। दोनों आरोपी लंबे समय से फर्जी ट्रेड लिंक, सेक्सटॉर्शन, फर्जी बीमा कंपनियों के माध्यम से टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर आम लोगों से बड़ी रकम ठग रहे थे। इन आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध एनसीआरपी पोर्टल पर लगभग 21 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है और उनसे नए मामलों के खुलने की संभावना जताई जा रही है।
डीएसटी की कार्रवाई
डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई SP राजेश कुमार मीना, ASP रतन लाल भार्गव के निर्देशन में और टोंक DSP मृत्युंजय मिश्रा के सुपरविजन में देर रात पुलिस थाना पुरानी टोंक क्षेत्र में की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से कई बैंकों की फर्जी पासबुक, एटीएम कार्ड और आधा दर्जन मोबाइल जब्त किए गए हैं। आरोपियों के मोबाइल की जांच में पाया गया कि उन्होंने 100 से अधिक फर्जी सिम का इस्तेमाल कर साइबर फ्रॉड किया था।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं नमोनारायण उर्फ नमो (19), पुत्र रामफूल मीणा, जो उनियारा थाना क्षेत्र के चतरपुरा का निवासी है, और आकाश (20), पुत्र रामेश्वर मीणा, जो बनेठा थाना क्षेत्र के खोहल्या का निवासी है।