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Marco Rubio's India Visit: What Did Rubio—Who Arrived Bearing a Message from Trump for PM Modi—Have to Say? In
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Marco Rubio India Visit: पीएम मोदी के लिए ट्रंप का संदेश लेकर आए रुबियो क्या बोले? India-US Ties
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: Adarsh Jha Updated Sat, 23 May 2026 08:24 PM IST
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अमेरिका और भारत के रिश्तों में एक नए दौर की शुरुआत होने जा रही है। आखिर क्यों अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का यह भारत दौरा इतना खास माना जा रहा है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्हाइट हाउस आने का न्योता क्या सिर्फ एक औपचारिकता है या इसके पीछे कोई बड़ी रणनीतिक तैयारी चल रही है?
क्या भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों में साझेदारी अब और गहरी होने वाली है? विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मार्को रुबियो की बैठक में किन बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी? क्या पश्चिम एशिया का तनाव, वैश्विक ऊर्जा संकट और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा इस बातचीत का केंद्र बनने वाले हैं?
और सबसे बड़ा सवाल... 26 मई को होने वाली क्वाड बैठक से दुनिया को क्या संदेश जाएगा? क्या यह बैठक एशिया की बदलती रणनीति और चीन को लेकर नई वैश्विक तैयारी का संकेत है?
भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हर बड़ी बैठक और उसके रणनीतिक मायने...
चार दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार, सुरक्षा, रणनीतिक साझेदारी और नई तकनीकों समेत कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका आने और व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति Donald Trump से मुलाकात करने का औपचारिक निमंत्रण भी सौंपा।
अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निमंत्रण राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मार्को रुबियो के बीच हुई बातचीत बेहद सकारात्मक और रचनात्मक रही। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
गोर के मुताबिक बातचीत में रक्षा और सुरक्षा सहयोग, व्यापारिक साझेदारी, निवेश, महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों, ऊर्जा सुरक्षा तथा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने जैसे विषय प्रमुख रहे। दोनों पक्षों ने वैश्विक स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक हालात और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर भी चर्चा की।
भारत दौरे की शुरुआत में मार्को रुबियो शनिवार को कोलकाता पहुंचे थे, जहां उनका स्वागत वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। इसके बाद वह नई दिल्ली पहुंचे। राजधानी में अपने प्रवास के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वह अमेरिकी दूतावास की सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग के उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे। इसके अलावा अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर द्वारा आयोजित रूजवेल्ट हाउस रिसेप्शन में भी शामिल होंगे, जिसमें भारत और अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारी तथा कारोबारी जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
रविवार को मार्को रुबियो की भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और महत्वपूर्ण तकनीकों में साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा। इसके साथ ही जन-जन के संबंधों को मजबूत बनाने, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति, वैश्विक ऊर्जा संकट और सप्लाई चेन से जुड़े मुद्दे भी शामिल रहेंगे। रूस-यूक्रेन युद्ध और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों पर भी दोनों पक्ष विचार-विमर्श कर सकते हैं।
इस दौरे के बीच सबसे ज्यादा नजरें 26 मई को होने वाली क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक पर टिकी हैं। भारत इस अहम बैठक की मेजबानी करेगा, जिसमें अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक का उद्देश्य एक स्वतंत्र, समावेशी और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक चीन की बढ़ती आक्रामकता और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच बेहद अहम मानी जा रही है। क्वाड देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और आर्थिक साझेदारी को लेकर भी व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
मार्को रुबियो के विदेश मंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। इस दौरान वह आगरा और जयपुर सहित भारत के कई शहरों का भी दौरा करेंगे। माना जा रहा है कि यह यात्रा भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने और दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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